लखनऊ में नगर निगम का बड़ा एक्शन, सरोजनी नगर में 15 करोड़ की जमीन से हटा अवैध कब्जा
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर तहसील क्षेत्र में शनिवार का दिन अवैध कब्जाधारियों के लिए भारी रहा। नगर आयुक्त गौरव कुमार के आदेश पर नगर निगम और तहसील प्रशासन ने मिलकर एक साझा अभियान चलाया, जिसमें 15 करोड़ रुपये से ज्यादा की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
अमौसी, हरिहरपुर और बिरूरा में चला ‘पीला पंजा’
अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव के निर्देशन में बनी टीम ने भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ तीन अलग-अलग गांवों में धावा बोला। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से की गई प्लॉटिंग, खड़ी की गई बाउंड्रीवाल और टीन-शेड के निर्माणों को जमींदोज कर दिया।
कहां-कितनी जमीन हुई आजाद? (कार्रवाई का पूरा ब्यौरा)
- हरिहरपुर: 9 करोड़ से ज्यादा की जमीन मुक्त यहां खसरा संख्या 440 और 433 की सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर रखा था। टीम ने करीब 0.3557 हेक्टेयर जमीन खाली कराई। इस बेशकीमती जमीन की बाजार कीमत लगभग 9 करोड़ 24 लाख रुपये बताई जा रही है।
- अमौसी: अवैध प्लॉटिंग का खेल खत्म अमौसी गांव में ग्राम समाज और नवीन परती की जमीन पर अवैध प्लॉटिंग की तैयारी थी। प्रशासन ने 1.061 हेक्टेयर भूमि से बाउंड्रीवाल हटा दी। इस जमीन की अनुमानित कीमत 2 करोड़ 78 लाख रुपये है।
- बिरूरा: तालाब की जमीन पर कब्जा साफ बिरूरा गांव में खसरा संख्या 346 पर दर्ज तालाब की जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। करीब 0.190 हेक्टेयर की इस जमीन की कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी गई है।
शांतिपूर्ण रही पूरी कार्रवाई
सहायक नगर आयुक्त रामेश्वर प्रसाद और तहसीलदार अरविंद कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। सरोजनी नगर थाने की पुलिस टीम मौके पर डटी रही, जिससे विरोध की कोई गुंजाइश नहीं रही।
नगर निगम ने इस कार्रवाई के जरिए कड़ा संदेश दिया है कि सरकारी संपत्ति, तालाब या ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान अभी थमेगा नहीं और आने वाले दिनों में अन्य इलाकों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।


