UP पुलिस का डबल धमाका: ‘स्मार्ट सुरक्षा’ और ‘मेटा सुसाइड अलर्ट’ को मिला देश का प्रतिष्ठित गोल्ड अवॉर्ड
Sandesh Wahak Digital Desk: तकनीक जब मानवीय संवेदनाओं से मिलती है, तो चमत्कार होते हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने आज नई दिल्ली में आयोजित 105वें स्कॉच समिट में अपनी दो क्रांतिकारी पहलों के लिए ‘गोल्ड अवॉर्ड’ जीतकर इतिहास रच दिया है। यूपी पुलिस देश की एकमात्र ऐसी पुलिस बल बन गई है जिसे दो अलग-अलग श्रेणियों में यह सम्मान मिला है।
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महाकुम्भ-2025 का ICCC: सुरक्षा का ‘डिजिटल नर्व सेंटर’
प्रयागराज महाकुम्भ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। भीड़ के प्रबंधन और यातायात को सुचारू रखने के लिए AI का उपयोग किया गया। स्मार्ट कैमरों और चैटबॉट के जरिए श्रद्धालुओं की हर संभव मदद की गई। आपातकालीन स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बिठाने के लिए इसे ‘सिचुएशन रूम’ के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
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मेटा सुसाइड अलर्ट: सोशल मीडिया से बचाई जा रही जान
यूपी पुलिस दुनिया की पहली ऐसी एजेंसी है जो सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों की जान बचाने का अभिनव प्रयोग कर रही है। ‘मेटा’ (फेसबुक और इंस्टाग्राम) के सहयोग से यह सिस्टम काम करता है। जब भी कोई व्यक्ति फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ा पोस्ट करता है, मेटा तुरंत पुलिस मुख्यालय को अलर्ट भेजता है। पुलिस मुख्यालय से लोकेशन मिलते ही स्थानीय पुलिस चंद मिनटों में पीड़ित के पास पहुंचती है।
1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2025 के बीच 1802 अलर्ट मिले, जिनसे 1805 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। इनमें सबसे बड़ी संख्या 19-25 वर्ष के युवाओं (905 व्यक्ति) की है।
वो 5 जगहें, जब पुलिस ‘देवदूत’ बनकर पहुंची
प्रतापगढ़: एक परिवार फेसबुक लाइव कर जहर खाने जा रहा था, पुलिस 5 मिनट में पहुँची और शटर तोड़कर पूरे परिवार को बचा लिया।
आगरा: इंस्टाग्राम पर ‘गुड बाय जान’ लिखने वाले 20 वर्षीय युवक को पुलिस ने 10 मिनट में ढूंढ निकाला और अस्पताल पहुँचाया।
प्रयागराज: चूहे मारने की दवा खा चुके युवक की पोस्ट देख पुलिस मौके पर पहुँची और उसकी जान बचाई।
इटावा: रेलवे ट्रैक पर सुसाइड नोट पोस्ट करने वाले छात्र को पुलिस ने ट्रैक पर पहुँचने से पहले ही रोक लिया।
फिरोजाबाद: कर्ज के दबाव में कपूर की गोलियां खाने वाले युवक को इंस्टाग्राम अलर्ट की मदद से समय रहते बचाया गया।
सिर्फ जान बचाना नहीं, काउंसलिंग भी जरूरी
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि पुलिस सिर्फ मौके पर जान नहीं बचाती, बल्कि बाद में ‘मिशन शक्ति’ और 1090 के माध्यम से इन व्यक्तियों की निरंतर काउंसलिंग भी की जाती है ताकि वे भविष्य में ऐसा कदम न उठाएं।
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी यूपी की ओर से तत्कालीन प्रभारी ICCC अमित कुमार (IPS) और जनसम्पर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव ने यह सम्मान ग्रहण किया। इस दौरान ‘मेटा’ के डायरेक्टर साउथ एशिया सत्या यादव भी मौजूद रहे।
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