आपरेशन शिकंजा: सात दिनों में ईओडब्ल्यू की गिरफ्त में आये 28 फरार आरोपी
दिल्ली समेत यूपी के कई जिलों से हुई गिरफ्तारियां, मुख्यालय और सेक्टर स्तर पर बनाई गयीं आठ टीमें
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने आर्थिक अपराधों में फरार चल रहें आर्थिक अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पांच से 11 जनवरी तक विशेष अभियान ऑपरेशन शिकंजा चलाया।
जिसके तहत वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए मुख्यालय और सेक्टर स्तर पर कुल 08 टीमें गठित की गईं। इनके सहयोग के लिए सेंट्रल क्रैक टीम को भी सक्रिय रूप से लगाया गया। अभियान के दौरान उपरोक्त टीमों द्वारा विभिन्न जिलों में धरपकड़/छापेमारी करते हुए वर्षों से फरार चल रहे आर्थिक अपराधों से संबंधित कुल 28 वांछित अभियुक्तों को दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से गिरफ्तार किया गया।

19 मुकदमों की विवेचना ईओडब्लू द्वारा सम्पादित की
लगभग सौ करोड़ का गाजियाबाद का चर्चित बालाजी हाइटेक कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड घोटाले में मैनेजिंग डायरेक्टर/डायरेक्टर और बैंक अधिकारियों द्वारा सांठ-गांठ करके जनता को गुमराह कर फ्लैट आवंटित किये जाते थे। उन्हें बैंक से मिलीभगत कर ऋण दिलाने के बाद पुनः उसी फ्लैट को दूसरे अथवा तीसरे आवंटी को एलॉट कर उनके द्वारा जनता से धोखा धड़ी कर पैसों का गबन किया जाता था। इस तरह से कुल 38 मुकदमें गाजियाबाद मे पंजीकृत हुये थे। जिसमे से 19 मुकदमों की विवेचना ईओडब्लू द्वारा सम्पादित की जा रही है।
उक्त के क्रम में अभियुक्त नीरज कुमार मिश्रा (मैनेजर एडमिन एंड फाइनेंस) पुत्र जयकांत मिश्रा निवासी बी-1204 एग्जॉटिका फ्रेस्को सेक्टर-137 नोएडा थाना सूरजपुर गौतमबुद्धनगर को नौ जनवरी को गिरफ्तार किया गया। उपरोक्त अभियुक्त बालाजी हाइटेक कन्स्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड में मार्च-2009 से मार्च 2014 तक मैनेजर एडमिन एंड फाइनेंस के पद पर कार्यरत था, जो बैंक में लोन अप्रूवल कराना और ग्राहक/आवंटी के पेमेंट डिमांड आदि का कार्य, अलॉटमेंट लेटर तैयार करना, कस्टमर / आवंटी रिलेशनशिप मैनेजमेंट का कार्य देखता था।
टीसीएस लिमिटेड के माध्यम से पूर्ण करायी गयी थी भर्ती के लिए परीक्षा प्रक्रिया
2018 में उ०प्र० अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा वी०डी०ओ० (ग्राम विकास अधिकारी), समाज कल्याण पर्यवेक्षक एवं ग्राम पंचायत अधिकारी की कुल-1953 पदों पर कार्यदायी संस्था टीसीएस लिमिटेड के माध्यम से भर्ती के लिए परीक्षा प्रक्रिया पूर्ण करायी गयी थी। ऑपरेशन शिकन्जा के तहत गिरफ्तार किये सात अभियुक्तों में छह अभ्यर्थी तथा एक एसआरएन डाटा क्रिएट सिस्टम प्रा लि का कर्मचारी असिस्टेंट प्रोगामर/प्रभारी स्कैनर है, इनमें अरुण कुमार, कर्मवीर, अंकुश यादव, अमर सिंह, उमेश चन्द्र, अमन कुमार, उमेश पाल शामिल हैं।
केंद्र-यूपी सरकार द्वारा संयुक्त रूप से संचालित आई0एच0एस0डी0पी0 योजना के तहत नगर पंचायत मुशाफिरखाना मे सी0टू0 534 आवास निमार्ण कार्य के लिए सात करोड़ 15 लाख चार चार हजार रुपयों के गबन के सम्बन्ध में अमेठी से संबंधित अभियुक्त राधेश्याम श्रीवास्तव (रेजीडेन्ट इंजीनियर आई0एच0एस0डी0पी) को 11 जनवरी को गिरफ्तार किया गया। ईओडब्ल्यू की टीमों ने सात दिवसीय ऑपरेशन शिकन्जा में विभिन्न प्रकरणों के कुल 28 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
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