नितिन नवीन बनेंगे भाजपा के नए अध्यक्ष, आडवाणी-जोशी पहली बार चुनाव में नहीं कर पाएंगे वोट

Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय जनता पार्टी के इतिहास में 20 जनवरी, 2026 एक ऐतिहासिक दिन के रूप में दर्ज होने जा रहा है। इस दिन पार्टी का एक नया युवा चेहरा राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान संभालने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, बिहार के विधायक और दिसंबर से कार्यकारी अध्यक्ष रहे 45 वर्षीय नितिन नवीन का निर्विरोध चुनाव लगभग तय है।

हालांकि, इस ऐतिहासिक चुनाव में एक चौंकाने वाला पहलू यह है कि पार्टी के संस्थापक सदस्य और दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी पहली बार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे।

नितिन नवीन बिहार के बांकीपुर से विधायक और पूर्व मंत्री हैं। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। आरएसएस पृष्ठभूमि वाले नवीन को संगठन में गहरी समझ और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में पार्टी की बड़ी चुनावी जीत में अहम भूमिका के लिए जाना जाता है। उनका नामांकन 19 जनवरी को होगा, जिसके प्रस्तावकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे शीर्ष नेता शामिल होंगे।

आडवाणी और जोशी क्यों हो गए मतदाता सूची से बाहर

यह पहला मौका है जब 1980 में पार्टी की स्थापना के बाद से इन दोनों दिग्गजों का नाम अध्यक्ष पद के चुनाव की मतदाता सूची में शामिल नहीं है। इसके पीछे कोई राजनीतिक मतभेद या नाराजगी नहीं, बल्कि पार्टी संविधान की तकनीकी शर्त है। पार्टी संविधान के मुताबिक, राष्ट्रीय परिषद का सदस्य बनने के लिए जरूरी है कि उस सदस्य का संबंधित राज्य (इस मामले में दिल्ली) में संगठनात्मक चुनाव पूरा हो चुका हो।

आडवाणी और जोशी फिलहाल दिल्ली से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं। लेकिन दिल्ली प्रदेश भाजपा में मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव अभी पूरे नहीं हुए हैं। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, नए सदस्यों का चयन नहीं हो सकता। इसी तकनीकी अड़चन के कारण दोनों वरिष्ठ नेता इस बार मतदाता सूची में नहीं हैं।

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