शादी उसी से करूंगी या तो जान दे दूंगी… हिन्दू प्रेमी के लिए बिजनौर कोर्ट पहुंची मुस्लिम प्रेमिका

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नहटौर थाने में उस वक्त सन्नाटा छा गया, जब 19 साल की सोनी ने पुलिस के सामने दो टूक शब्दों में कहा कि वह या तो अपने पसंद के युवक से शादी करेगी या फिर अपनी जान दे देगी। यह कोई फिल्मी संवाद नहीं, बल्कि नहटौर क्षेत्र के इलाबास गांव की हकीकत थी, जहां एक मुस्लिम युवती ने अपने जीवन के फैसले के लिए परिवार और समाज दोनों के खिलाफ आवाज उठाई।

जान का खतरा बताकर थाने पहुंची युवती

दरअसल सोनी का आरोप था कि उसके घरवाले उसकी मर्जी के बिना उसका निकाह उम्र में 10–12 साल बड़े एक रिश्तेदार से करना चाहते हैं। उसने बताया कि वह गांव के ही सुंदर नाम के युवक से प्रेम करती है और उसी के साथ जीवन बिताना चाहती है। जब उसने यह बात घर में रखी, तो माहौल बिगड़ गया। धर्म का फर्क और उम्र का अंतर परिजनों के लिए सबसे बड़ी आपत्ति बन गया और सोनी पर जबरन निकाह का दबाव बनाया जाने लगा।

अपने ऊपर बढ़ते दबाव और संभावित खतरे को देखते हुए सोनी खुद नहटौर थाने पहुंची। उसने पुलिस से कहा कि वह बालिग है और उसे अपने जीवनसाथी को चुनने का अधिकार है। उसने साफ कहा कि उसके घरवाले जबरदस्ती निकाह कराने पर आमादा हैं और इससे उसकी जान को खतरा है। उसने यह भी कहा कि वह सुंदर से ही शादी करेगी, अन्यथा वह जीना नहीं चाहती।

कानूनी रास्ते से सुलझा मामला

जिसके बाद जब पुलिस ने जब सोनी के परिजनों को थाने बुलाया, तो वहां घंटों बहस और तनाव चलता रहा। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि सुंदर और उसके परिजनों ने सोनी पर जादू-टोना कर दिया है, जिससे वह अपने फैसले पर अड़ी हुई है। परिजनों ने उसे समझाने की कई कोशिशें कीं, लेकिन सोनी टस से मस नहीं हुई। इस पूरे घटनाक्रम में खास बात यह रही कि प्रेमी युवक या उसके परिवार का कोई भी सदस्य थाने नहीं पहुंचा। सोनी अकेले ही अपने फैसले पर डटी रही।

जिसके बाद मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने इसे कानूनी तरीके से सुलझाने का फैसला किया। सोनी के बालिग होने से जुड़े दस्तावेज जांचे गए और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उसे बिजनौर में अपर सिविल जज चतुर्थ की अदालत में पेश किया गया।

परवान चढ़ी मोहब्बत

दरअसल अदालत में सोनी ने स्पष्ट बयान दिया कि वह पूरी तरह बालिग है और बिना किसी दबाव के सुंदर के साथ रहना चाहती है। जिसके बाद मेडिकल रिपोर्ट और उम्र से जुड़े ठोस सबूतों के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया कि सोनी अपनी मर्जी से जीवन जीने के लिए स्वतंत्र है। कोर्ट के आदेश के बाद वह अपने प्रेमी के साथ चली गई।

 

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