‘3 मिनट जो बचा सकते हैं जान’, लखनऊ में हृदय स्वास्थ्य और CPR पर विशेष कार्यशाला
Sandesh Wahak Digital Desk: भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ती जीवनशैली के बीच दिल की सेहत को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। इसी महत्वपूर्ण विषय पर मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी (NADT) में एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि अगर किसी की धड़कन अचानक रुक जाए, तो अस्पताल पहुंचने से पहले के ‘शुरुआती तीन मिनट’ ही तय करते हैं कि वह व्यक्ति जीवित बचेगा या नहीं।
“अपना लिपिड लेवल मोबाइल नंबर की तरह याद रखें”
SGPGI के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. आदित्य कपूर ने युवाओं में बढ़ते हृदय रोगों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कुछ बेहद जरूरी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर (BP) शरीर को धीरे-धीरे खत्म करता है, इसलिए नियमित जांच जरूरी है। प्रो. कपूर ने कहा कि हर व्यक्ति को अपना लिपिड प्रोफाइल (Lipid Level) अपने मोबाइल नंबर की तरह जुबानी याद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धूम्रपान छोड़ें, वजन पर काबू रखें और शारीरिक रूप से सक्रिय रहें।
कोई डॉक्टरी इलाज नहीं, बल्कि एक ‘हुनर’ है
कार्यशाला में प्रो. आर.के. धीमन (निदेशक, SGPGI) ने बताया कि भारत में हर साल करीब 7 लाख लोग अचानक कार्डियक अरेस्ट के कारण दम तोड़ देते हैं। उन्होंने CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) को हर नागरिक के लिए अनिवार्य कौशल बताया।
क्यों जरूरी है CPR?
अचानक हृदय गति रुकने पर हर मिनट की देरी से बचने की संभावना 10% कम हो जाती है।
प्रतिभागियों को सिखाया गया कि आपात स्थिति में सीपीआर कैसे दें और एईडी (AED) मशीन का उपयोग कैसे करें।
जीवनशैली ही सबसे बड़ी दवा
NADT के एडीजी डॉ. नील जैन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही था कि रोकथाम ही इलाज से बेहतर है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि मेटाबॉलिक सिंड्रोम और निष्क्रिय जीवनशैली हृदय रोगों की जड़ है। अगर हम अपनी आदतों में छोटे सुधार कर लें, तो दिल की बीमारियों के एक बड़े हिस्से को टाला जा सकता है।
कार्यशाला की मुख्य बातें
आयोजक: एनएडीटी (NADT) रीजनल सेंटर, लखनऊ।
नेतृत्व: डॉ. नील जैन (IRS) और अन्विका शर्मा (संयुक्त निदेशक)।
विशेषज्ञ: प्रो. आर.के. धीमन और प्रो. आदित्य कपूर (SGPGI)।
मुख्य तकनीक: सीपीआर (CPR) और एईडी (AED) का व्यावहारिक अभ्यास।
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