“कोई ऐसा बुलडोज़र भी है जो लोगों के टूटे घर बना दे?” अयोध्या मामले में अखिलेश यादव ने बोला हमला

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के अयोध्या रेप केस में हाल ही में बरी हुए समाजवादी पार्टी के पूर्व पदाधिकारी मोईद अहमद के घर बुलडोजर चलाए जाने का मामला अब सियासी बहस का केंद्र बन गया है। इस कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सरकार पर तीखा तंज कसा है और इसे अन्यायपूर्ण करार दिया है।

Akhilesh Yadav का सरकार पर हमला

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि क्या भेदकारी भाजपा के पास कोई ऐसा बुलडोज़र भी है जो लोगों के टूटे घर बना दे और उस पर मान-सम्मान का छप्पर फिर से लगा दे। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग अपने ऊपर लगे मुक़दमे तो हटवा सकते हैं, लेकिन जो पाप उन्होंने किए हैं, उनके मुक़दमे ऊपरवाले की अदालत में लिखे जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि इतने अन्याय और पाप करने के बाद कोई चैन की नींद कैसे सो सकता है।

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि नाइंसाफ़ी अब भाजपा सरकार की पहचान बन चुकी है। एकतरफ़ा और पक्षपातपूर्ण रवैया अपने आप में एक गुनाह होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राज में बुलडोज़र नकारात्मक और विध्वंसकारी सोच का प्रतीक बन गया है। उनके अनुसार जिस तरह से भाजपा की सियासत नाइंसाफ़ी कर रही है, उससे उसकी हार साफ़ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपाई अन्याय हारेगा और भाजपा तथा उसके संगी-साथी यह याद रखें कि साज़िश से बड़ी हमेशा सच्चाई होती है।

"कोई ऐसा बुलडोज़र भी है जो लोगों के टूटे घर बना दे?" अयोध्या मामले में Akhilesh Yadav ने बोला हमला

राजू खान दोषसिद्धि

दरअसल एक स्पेशल कोर्ट  यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण यानी पॉक्सो एक्ट के तहत ने गुरुवार को राजू खान को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने 21 वर्षीय राजू खान को 14 साल की नाबालिग लड़की से रेप करने और उसे प्रेग्नेंट करने का दोषी माना है और उसे सजा सुनाई है।

मोईद अहमद को कोर्ट से राहत

वहीं इस मामले में सह-आरोपी रहे समाजवादी पार्टी के पूर्व पदाधिकारी मोईद अहमद को कोर्ट ने बरी कर दिया है। करीब 65 वर्षीय मोईद अहमद को लेकर अदालत ने स्पष्ट कहा कि पीड़िता के खिलाफ उनके द्वारा किसी भी अपराध के प्रमाण नहीं मिले हैं। ऐसे हालात में कोर्ट ने मोईद अहमद को इस मामले में बरी किए जाने का हकदार माना है।

वहीं कोर्ट से बरी होने के बावजूद मोईद अहमद के घर बुलडोजर चलाए जाने को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे भाजपा की भेदकारी और अन्यायपूर्ण राजनीति का उदाहरण बताया है। यह मामला अब केवल कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक बहस का भी विषय बन चुका है।

 

Also Read: KGMU धर्मांतरण कांड: पुलिस के हत्थे चढ़ा फर्जी निकाह का गवाह, पीलीभीत से दबोचा गया शारिक खान

Get real time updates directly on you device, subscribe now.