लखनऊ: चारबाग स्टेशन पर ‘मानव तस्करी’ के खिलाफ अभियान, 4 नाबालिग बच्चे रेस्क्यू

Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ पुलिस की मुस्तैदी ने आज चार मासूम जिंदगियों को बाल श्रम और तस्करी के दलदल में फंसने से बचा लिया। चारबाग रेलवे स्टेशन पर पुलिस और आरपीएफ ने एक जॉइंट ऑपरेशन चलाकर उस वक्त एक शख्स को धर दबोचा, जब वह नाबालिग बच्चों को ट्रेन के जरिए दूसरे राज्य ले जाने की फिराक में था।

गांधीधाम एक्सप्रेस में बिछाया गया जाल

पुलिस को मुखबिर के जरिए पक्की सूचना मिली थी कि कुछ बच्चों को बाल श्रम के लिए गैर-राज्य ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने चारबाग रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की। जैसे ही गांधीधाम एक्सप्रेस स्टेशन पर रुकी, पुलिस ने उसके कोच संख्या S-06 की सघन तलाशी ली। वहां 27 वर्षीय सैफुद्दीन चार किशोरों के साथ मौजूद मिला।

700-800 रुपये का लालच 

पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि सैफुद्दीन उन्हें गुजरात के ‘रतनामणि’ स्थित एक प्लाईबोर्ड फैक्ट्री में काम दिलाने के बहाने ले जा रहा था। उन्हें हर दिन 700 से 800 रुपये मजदूरी देने का लालच दिया गया था। आरोपी ने ही इन बच्चों के टिकट भी बुक कराए थे। रेस्क्यू किए गए बच्चों की उम्र 16 से 17 साल के बीच है।

गिरफ्तार अभियुक्त सैफुद्दीन पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले का रहने वाला है। लखनऊ पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। रेस्क्यू किए गए चारों बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के आदेश पर फिलहाल मोहान रोड स्थित राजकीय बालगृह में सुरक्षित रखा गया है।

अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरन यादव (IPS) ने इस सफलता पर कहा कि पुलिस बाल सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं भी बाल श्रम या तस्करी जैसी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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