Varanasi News: पंचायत चुनाव पर राजभर का बड़ा बयान, विधानसभा चुनाव से पहले ही होंगे, मतपत्र छप चुके

Sandesh Wahak Digital Desk: प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर सोमवार को वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।

इस दौरान वह मीडिया के सवालों पर खासे आक्रामक नजर आए और कई राजनीतिक व प्रशासनिक विषयों पर तीखे बयान दिए।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि चुनाव की पूरी तैयारी सरकार कर चुकी है। उन्होंने बताया कि मतपत्रों की छपाई हो चुकी है और सभी जिलों में भेजे जा चुके हैं।

राजभर ने कहा कि किसी तरह की भ्रांति न रखी जाए, पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले ही कराए जाएंगे।

शंकराचार्य के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि देश संविधान से चलता है, न कि किसी व्यक्ति के बयान से। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी के कहने मात्र से संविधान में बदलाव नहीं किया जा सकता।

OP Rajbhar

गौ माता को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने के बयान पर उन्होंने कहा कि जब यह प्रस्ताव कैबिनेट में आएगा, तब उस पर विचार किया जाएगा।

सुहेलदेव जयंती के दौरान अनिल राजभर द्वारा मंच से दिए गए बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई यह कहता है कि वोट बेचे जा रहे हैं, तो वह पूरे देश में ऐसी “दुकान” कहां है, यह बता दे।

राजभर ने अपने विरोधियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर “माई के लाल हैं” तो सामने आकर बताएं।

राजभर समाज के नेतृत्व को लेकर उठे सवाल पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आज जो लोग उंगली उठा रहे हैं, वे कभी लोहे की चोरी किया करते थे। उन्होंने दावा किया कि बीते 23 वर्षों में उन्होंने जो काम किया है, वैसा आज तक कोई नहीं कर सका।

उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने “बाप को बाप कहना शुरू किया”, तब लोगों का ध्यान सुहेलदेव महाराज की ओर गया।

UGC की नई गाइडलाइंस और कानून को लेकर राजभर ने कहा कि अगर किसी को इसमें कोई गड़बड़ी लगती है तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खुला है, जो जाना चाहता है, जा सकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा के क्षेत्र में OBC, SC और ST वर्ग के साथ पक्षपात होता है और इसके खिलाफ वे लड़ाई जारी रखेंगे।

समाजवादी पार्टी के PDA नारे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि PDA का मतलब “परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी” है। वहीं, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा इस्तीफा देकर शंकराचार्य से मिलने के मामले पर राजभर ने इसे “ड्रामा और राजनीति” करार दिया।

मीडिया से मुखातिब होते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पत्रकार सिर्फ सवाल पर सवाल करते हैं, लेकिन पूरी जानकारी नहीं रखते। अंत में उन्होंने कहा, “हम राजभर हैं और राजभर सीना ठोक कर बोलता है।”

रिपोर्ट- मदन मुरारी पाठक

Also Read: Lucknow News: आर्थिक तंगी से परेशान BJP विधायक के भतीजे ने किया सुसाइड

Get real time updates directly on you device, subscribe now.