यूपी में अनुदेशकों की बड़ी जीत: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 17,000 मानदेय और 2017 से एरियर का रास्ता साफ

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत हजारों अनुदेशकों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी और राहत भरी खबर आई है। वर्षों से चले आ रहे मानदेय विवाद पर विराम लगाते हुए न्यायालय ने अनुदेशकों के पक्ष में फैसला सुनाया है। इस आदेश के बाद अब वर्ष 2017 से बढ़ा हुआ मानदेय और बकाया एरियर (Arrear) ब्याज सहित मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

क्या था पूरा विवाद?

मामला वर्ष 2017 का है, जब केंद्र सरकार ने ‘सर्व शिक्षा अभियान’ के तहत अनुदेशकों का मानदेय 8,470 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया था। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा इसे लागू नहीं किया गया, जिसके खिलाफ अनुदेशकों ने कानूनी लड़ाई शुरू की। लखनऊ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच से शुरू हुआ यह मामला अंततः सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां अब अनुदेशकों के हक में अंतिम मुहर लग गई है।

ब्याज सहित मिलेगा बकाया भुगतान

न्यायालय के आदेश के अनुसार, अनुदेशकों को अब वर्ष 2017 से 17,000 रुपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय मिलेगा। बकाया राशि (एरियर) पर 9 प्रतिशत ब्याज का भी भुगतान किया जाएगा।

संघर्ष और धैर्य की जीत

उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र पाठक ने निर्णय की सराहना करते हुए इसे धैर्य और एकता की जीत बताया। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द एरियर और बढ़े हुए मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इस फैसले से प्रदेश भर के हजारों अनुदेशकों में हर्ष का माहौल है।

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