कैंसर के बाद भी संभव है Pregnancy, मेडिकल साइंस की प्रगति से बढ़ीं महिलाओं की उम्मीदें

Sandesh Wahak Digital Desk: आज के समय में महिलाओं में कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। कैंसर का पता चलते ही महिलाओं के सामने जिंदगी से जुड़े कई सवाल खड़े हो जाते हैं। यह चिंता उन महिलाओं के लिए और भी ज्यादा बढ़ जाती है जो भविष्य में मां बनने की इच्छा रखती हैं। प्रेगनेंसी (Pregnancy) और रिप्रोडक्टिव हेल्थ को लेकर डर, असमंजस और कई तरह की शंकाएं मन में पैदा होना स्वाभाविक है। कई महिलाएं यह सोचने लगती हैं कि क्या कैंसर का इलाज उनके मां बनने के सपने को खत्म कर देगा। हालांकि मेडिकल साइंस में हुई प्रगति ने इस सोच को काफी हद तक बदल दिया है और अब पहले की तुलना में इलाज ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी हो गया है।

क्या संभव है कैंसर के बाद मां बनना?

कई मामलों में कैंसर के बाद मां बनना संभव होता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर किस प्रकार का था, उसका इलाज कैसे किया गया और महिला की उम्र क्या है। कोकून हॉस्पिटल जयपुर में ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग की डॉ. प्रिया गुप्ता के अनुसार कुछ इलाज रिप्रोडक्टिव हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन हर महिला पर इसका असर अलग-अलग होता है। आजकल डॉक्टर इलाज की योजना बनाते समय फर्टिलिटी को भी ध्यान में रखते हैं। सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेकर और जरूरी जांच करवाकर महिलाएं सुरक्षित तरीके से प्रेगनेंसी की योजना बना सकती हैं। रिसर्च के अनुसार कैंसर के बाद प्रेगनेंसी से कैंसर दोबारा होने का खतरा अपने आप नहीं बढ़ता। यही वजह है कि अब कैंसर सर्वाइवर्स के लिए मां बनना एक संभव विकल्प बन चुका है।

कैंसर ट्रीटमेंट के बाद प्रेगनेंसी की संभावना

कैंसर का इलाज पूरा होने के बाद कई महिलाएं प्राकृतिक रूप से या मेडिकल सहायता से गर्भधारण कर सकती हैं। आमतौर पर डॉक्टर इलाज खत्म होने के बाद कुछ समय तक इंतजार करने की सलाह देते हैं ताकि शरीर पूरी तरह स्वस्थ हो सके। यह समय कैंसर के प्रकार और इलाज के तरीके पर निर्भर करता है। सही निगरानी में की गई प्रेगनेंसी को सुरक्षित माना जाता है। नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह से मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।

कुछ मामलों में महिला पहले से प्रेगनेंट होती है और उसी दौरान कैंसर का पता चलता है। ऐसे मामलों में इलाज बहुत सावधानी से किया जाता है। डॉक्टरों की एक टीम मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलाज की योजना तैयार करती है। प्रेगनेंसी के दूसरे और तीसरे चरण में कुछ इलाज सुरक्षित तरीके से किए जा सकते हैं। सही मेडिकल देखरेख में कई महिलाएं स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं।

इलाज से पहले फर्टिलिटी को सुरक्षित रखने के विकल्प

कैंसर के इलाज से पहले फर्टिलिटी को सुरक्षित रखने के लिए अब कई विकल्प मौजूद हैं। एग फ्रीजिंग, एम्ब्रायो फ्रीजिंग और ओवरी टिश्यू प्रिजर्वेशन जैसी तकनीकें भविष्य में प्रेगनेंसी की संभावना बनाए रखने में मदद करती हैं। यह विकल्प खासतौर पर उन महिलाओं के लिए उपयोगी होते हैं जो इलाज के बाद मां बनने की योजना बना रही होती हैं। सही समय पर डॉक्टर से इस बारे में चर्चा करना बेहद जरूरी माना जाता है।

 

Also Read: ‘न बोर्ड परीक्षा, न जनगणना…चुनाव अपने तय समय पर ही होंगे’, UP पंचायत चुनाव पर राजभर का बड़ा अपडेट

Get real time updates directly on you device, subscribe now.