600 व्हाट्सएप ग्रुप और 500 करोड़ का फ्रॉड, UP STF ने दबोचे 12 अंतरराष्ट्रीय ठग
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘जीरो टॉलरेंस’ निर्देश और डीजीपी राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में अलीगढ़ साइबर सेल और साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लोगों को ‘साइबर स्लेवरी’ (डिजिटल बंधक) का शिकार बनाकर करोड़ों की चपत लगा रहा था।
दिनेश शर्मा के साथ हुई थी ₹1.10 करोड़ की ठगी
इस कार्रवाई की शुरुआत अलीगढ़ निवासी दिनेश कुमार शर्मा की शिकायत से हुई। ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप (VIP 5 TARGET PROFIT CREW CLUB) में जोड़कर शेयर बाजार में 200% मुनाफे का लालच दिया और धीरे-धीरे उनसे 1,10,70,000 रुपये ठग लिए। एसपी ग्रामीण/नोडल अधिकारी साइबर अपराध अमृत जैन के नेतृत्व में गठित 5 टीमों ने तकनीकी जांच के आधार पर इस गिरोह का पीछा किया।
हॉन्गकॉन्ग कनेक्शन और ‘साइबर स्लेवरी’
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड हॉन्गकॉन्ग से ऑपरेट कर रहा है। ठग भारत में भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और उन खातों का नियंत्रण विदेशी हैंडलर्स को दे देते थे। इसे ‘साइबर स्लेवरी’ कहा जाता है, जहाँ भारतीय बैंक खातों का उपयोग विदेशों में पैसा भेजने के लिए किया जाता है।
पुलिस ने ठगी के लिए इस्तेमाल हो रहे लगभग 600 फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप बंद कराए। साथ ही, इन ग्रुप्स में जुड़े 500 संभावित पीड़ितों को व्यक्तिगत रूप से फोन कर सचेत किया, जिससे करीब 500 करोड़ रुपये डूबने से बच गए। पीड़ित दिनेश शर्मा के खाते में 5 लाख 64 हजार रुपये वापस कराए गए। मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए CBI और INTERPOL की मदद ली जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण (12 नामजद)
पुलिस ने उड़ीसा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से कुल 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य रूप से जगन्नाथ प्रधान (उड़ीसा), देवाषीश प्रधान (उड़ीसा), दुर्गेश कुमार गुप्ता (छत्तीसगढ़), और आर्यन वत्स (गाजियाबाद) शामिल हैं। इनके पास से 30 पासबुक, 28 डेबिट कार्ड, 23 मोबाइल और 9 फर्जी मुहरें बरामद हुई हैं।

