सिद्धार्थनगर को मिलेगा जाम से छुटकारा, 94 करोड़ की लागत से बनेगा नया बाईपास

सिद्धार्थनगर: जिला मुख्यालय पर लगने वाले भीषण जाम को खत्म करने के लिए योगी सरकार ने कमर कस ली है। स्टेशन रोड से लेकर सिद्धार्थ तिराहा और बांसी स्टैंड तक की सड़कों पर अब गाड़ियां रेंगती नजर नहीं आएंगी। ‘संदेश वाहक‘ कपिलवस्तु विधायक श्याम धनी राही और जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने पुष्टि की है कि शहर को जाम मुक्त करने के लिए 94 करोड़ रुपये के नए बाईपास का प्रस्ताव 10 फरवरी को शासन को भेज दिया गया है।

विधायक श्याम धनी राही
विधायक श्याम धनी राही

विधायक श्याम धनी राही ने बताया। उन्होंने आगे बताया कि इससे लोटन, सोहांस,  नौगढ़, जिला मुख्यालय और पकड़ी सनई चौराहे की तरफ से आने वाले वाहन बिना शहर में प्रवेश किए ही प्रस्तावित नए बाईपास होकर निकल जाएंगे। इससे उनकों जाम में फंसना नहीं पड़ेगा। लो०नि०वि० की तरफ से शासन को भेजे कार्ययोजना के अनुसार बाईपास निर्माण के लिए दो गांवों के किसानों की लगभग 7.88 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण पर 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

कैसा होगा नया बाईपास?

यह नया बाईपास शहर के बाहर गुदराही मोड़ (तेतरी-सोहांस लोटन मार्ग) से शुरू होकर सीधा बर्डपुर मार्ग (पुराना नौगढ़) को जोड़ेगा।

लंबाई: लगभग 2.15 किलोमीटर।

लागत: 93.99 करोड़ रुपये।

पुलों का निर्माण: इस मार्ग पर दो बड़े पुल (100 मीटर और 75 मीटर) बनाए जाएंगे।

मिट्टी का कटाव रोकने का इंतजाम: जमुआर नाले के पास होने के कारण जलभराव वाले क्षेत्र में बोल्डर पिचिंग का काम भी होगा।

किसानों को मिलेगा भूमि का मुआवजा

बाईपास के निर्माण के लिए तहसील नौगढ़ के धौरीकुईया और बर्डपुर नंबर-14 के करीब 110 किसानों की 7.88 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। इसके लिए सरकार करीब 25 करोड़ रुपये सिर्फ मुआवजे पर खर्च करेगी।

आम जनता को क्या होगा फायदा?

  • बस्ती या अन्य जगहों से आने वाले भारी वाहन अब शहर में घुसे बिना ही सीधे लोटन या बर्डपुर की ओर निकल जाएंगे। इससे रेलवे स्टेशन और मालगोदाम रोड पर दबाव कम होगा।
  • बाईपास बनने से जमुआर नाले के किनारे का निचला इलाका, जो पहले बारिश में जलमग्न रहता था, सुरक्षित हो जाएगा। इससे वहां खेती और नए भवन बनाना संभव होगा।
  • नई सड़क बनने से आसपास व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

अधिकारियों का क्या है कहना?

विधायक श्याम धनी राही ने बताया कि यह बाईपास शहर के भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। वहीं, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता कमल किशोर ने कहा कि कार्ययोजना शासन को भेज दी गई है और मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

इस संबंध में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि कार्ययोजना तैयार कर स्वीकृति के लिए 10 फरवरी को शासन में भेजा है। बाईपास के निर्माण के लिए किसानों की कृषि भूमि अधिग्रहीत की जाएगी।

रिपोर्ट: जाकिर खान

 

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