ईरान संकट का लखनऊ पर असर, खाड़ी देशों की सभी उड़ानें रद्द, एक दिन में ढाई हजार टिकट कैंसिल
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय हवाई नेटवर्क को पूरी तरह छिन्न-भिन्न कर दिया है। ईरान और दुबई का हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने के कारण चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए संचालित होने वाली सभी उड़ानें ठप हो गई हैं। आलम यह है कि रविवार को लखनऊ से मिडिल ईस्ट के लिए एक भी विमान उड़ान नहीं भर सका।
टी-3 टर्मिनल पर पसरा सन्नाटा, 17 उड़ानें रद्द
लखनऊ एयरपोर्ट का नया इंटरनेशनल टर्मिनल (T3), जहाँ आमतौर पर खाड़ी देशों को जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ रहती है, रविवार को पूरी तरह खाली नजर आया।
उड़ानों का विवरण: खाड़ी देशों से आने वाली 8 और यहाँ से जाने वाली 9 उड़ानों को रद्द करना पड़ा।
प्रभावित देश: मस्कट, दुबई, अबू धाबी, दम्माम, रियाद और शारजाह जैसे प्रमुख शहरों के लिए हवाई संपर्क पूरी तरह कट गया है।
ढाई हजार टिकट कैंसिल, 8 मार्च तक ‘नो फ्लाई’ जोन
युद्ध के चलते रविवार को एक ही दिन में करीब 2500 यात्रियों को अपने टिकट निरस्त करने पड़े। विमानन कंपनियों ने साफ कर दिया है कि मौजूदा हालात सामान्य होने तक नई टिकटें जारी नहीं की जाएंगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे 8 मार्च के बाद की उड़ानों के लिए ही संपर्क करें।
फंसे हुए यात्रियों और परिजनों की बढ़ी चिंता
लखनऊ और आसपास के जिलों (बहराइच, गोंडा, सुल्तानपुर, बलरामपुर) से बड़ी संख्या में लोग रोजगार और व्यापार के सिलसिले में खाड़ी देशों में रहते हैं।
काउंटरों पर भीड़: एयरपोर्ट के पूछताछ काउंटरों पर उन परिजनों की भारी भीड़ देखी गई, जिनके सगे-संबंधी खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं।
ट्रैवल एजेंटों से गुहार: जो लोग महज 2-3 दिन के लिए घूमने या काम से गए थे, उनके पास अब ठहरने और खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। वे लगातार ट्रैवल एजेंटों को फोन कर वापसी का रास्ता पूछ रहे हैं।
ये प्रमुख उड़ानें रहीं निरस्त (Cancelled Flights)
आने वाली उड़ानें: ओवी 705 (मस्कट), 6ई-1416 (अबू धाबी), 6ई-1424 (शारजाह), एक्सवाइ 333 (रियाद), आइएक्स 194 (दुबई)।
जाने वाली उड़ानें: आइएक्स 193 (दुबई), ओवी 706 (मस्कट), आइएक्स 18 (रियाद), 6ई-1415 (अबू धाबी), 6ई-097 (दम्माम)।
विशेषज्ञों की राय
ट्रैवल विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक युद्ध शांत नहीं होता और एयरस्पेस फिर से नहीं खुलता, तब तक उड़ानों का संचालन संभव नहीं है। विमानों को अब लंबे रूट से घुमाकर ले जाने की योजना पर विचार हो रहा है, जिससे किराए में भारी बढ़ोतरी की संभावना है।
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