सफलता की ‘श्वेत क्रांति’: अलीगढ़ की बहू ने डेयरी बिजनेस से खड़ा किया 80 लाख का टर्नओवर
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित कलवारी गांव की रहने वाली पूजा चौधरी आज महिला उद्यमिता की एक नई पहचान बनकर उभरी हैं। शादी के बाद ससुराल की चारदीवारी में सिमटने के बजाय, उन्होंने अपने परिवार के दूध के छोटे से व्यवसाय को आधुनिक रूप दिया और आज वे ‘शिव मिल्क प्रोडक्ट’ के जरिए सालाना 80 लाख रुपये का कारोबार कर रही हैं।
50 लाख के निवेश से बदला भाग्य
पूजा की सफलता की कहानी साल 2023 में शुरू हुई, जब उन्होंने खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग से 50 लाख रुपये का लोन लेकर हरजीगढ़ी गांव में एक आधुनिक डेयरी प्लांट की स्थापना की। हालांकि, एक ग्रामीण परिवेश में ऑटोमेटिक प्लांट लगाना आसान नहीं था, लेकिन पति रोहिताश और ससुर के सहयोग से पूजा ने ‘शिव मिल्क प्रोडक्ट’ नाम से अपनी अलग पहचान बनाई।
गुणवत्ता और आपूर्ति का बड़ा नेटवर्क
पूजा के डेयरी प्लांट में आज केवल दूध ही नहीं, बल्कि पनीर, घी, मावा, छाछ और पाउच वाला फुलक्रीम दूध भी तैयार किया जाता है। खास बात यह है कि ये सारे उत्पाद ऑटोमेटिक मशीनों से तैयार होते हैं। इन उत्पादों की मांग इतनी है कि अलीगढ़ के साथ-साथ मथुरा, वृंदावन और हाथरस जैसे शहरों में भी इनकी नियमित सप्लाई हो रही है। वर्तमान में लगभग 20 डीलर उनके उत्पादों को घर-घर पहुंचा रहे हैं।
70 किसानों और 35 युवाओं को मिला सहारा
पूजा की इस पहल ने न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि गांव के अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के द्वार खोल दिए हैं। उनके प्लांट में 35 लोग सीधे तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने इलाके के 70 किसानों के साथ दूध आपूर्ति का अनुबंध किया है, जिससे किसानों को उनके दूध का सही दाम मिल रहा है। इसके अलावा, वह गांव-गांव जाकर महिलाओं को उन्नत पशुपालन और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक भी करती हैं।
चारदीवारी से स्नातक और फिर उद्यमी तक का सफर
राजकीय कन्या महाविद्यालय से ग्रेजुएट पूजा ने हमेशा से कुछ अलग करने का सपना देखा था। 2008 में जब उनके परिवार ने ‘कामधेनु योजना’ के तहत एक छोटा सा बूथ शुरू किया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि घर की बहू इसे इतने बड़े मुकाम पर ले जाएगी। पूजा ने न केवल बिजनेस संभाला, बल्कि एकाउंट्स और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई।
आज पूजा चौधरी उन हजारों ग्रामीण महिलाओं के लिए मिसाल हैं जो अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं।
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