लखनऊ की ‘हरित होली’: लकड़ियों के स्थान पर गोबर के कंडों से हुआ प्रदूषण मुक्त होलिका दहन

Sandesh Wahak Digital Desk: जहां एक ओर बढ़ता वायु प्रदूषण राजधानी लखनऊ के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, वहीं आलमबाग स्थित समर विहार कॉलोनी ने इस बार एक अनुकरणीय पहल की है। “प्रकृति का मान, तभी हो सच्ची होली की पहचान” के संकल्प के साथ यहाँ लकड़ियों के स्थान पर केवल गोबर के कंडों का उपयोग कर प्रदूषण मुक्त होलिका दहन किया गया।

पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश

समर विहार वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस ‘हरित होली’ का उद्देश्य परंपरा को प्रकृति के साथ संतुलित करना था। एसोसिएशन के अध्यक्ष के.एस. एबट ने इस अवसर पर कहा कि लखनऊ को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में यह एक छोटा लेकिन सार्थक प्रयास है। उन्होंने शहर के अन्य निवासियों और सोसायटियों से भी ऐसी ही पर्यावरण-अनुकूल पहल अपनाने की अपील की।

महिलाओं ने संभाली कमान, विधि-विधान से हुआ दहन

इस पावन अवसर पर कॉलोनी की पाँच महिलाओं ने संयुक्त रूप से विधि-विधान के साथ होलिका दहन किया। उपस्थित निवासियों ने तीन परिक्रमा कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में पूर्व पार्षद गिरीश मिश्रा, समाजसेवी पी.सी. श्रीवास्तव, कुलश्रेष्ठ, भाजपा नेता सतीश आठवानी, राजिंदर कौर और मंजू कपूर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

साधारण होलिका दहन में भारी मात्रा में लकड़ी के उपयोग से पेड़ों की कटाई और धुएं से वायु प्रदूषण होता है। गोबर के कंडों का उपयोग करने से न केवल पेड़ बचते हैं, बल्कि वायु गुणवत्ता (AQI) को बनाए रखने में भी मदद मिलती है। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का एक प्रेरणादायक संकल्प बनकर उभरा है।

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