NCERT ने बिना शर्त न्यायपालिका से मांगी माफी, वापस ली विवादित किताब

Sandesh Wahak Digital Desk: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने मंगलवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए अपनी आठवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान (Social Science) की नई पाठ्यपुस्तक के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। यह विवाद किताब के एक अध्याय में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ देने से शुरू हुआ था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त ऐतराज जताया था।

एनसीईआरटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर जारी एक बयान में कहा, संस्थान ने हाल ही में कक्षा 8 (भाग II) के लिए ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ नाम से किताब प्रकाशित की थी। इसके चौथे अध्याय, जिसका शीर्षक ‘हमारे समाज में ज्यूडिशियरी की भूमिका’ था, उसमें दी गई सामग्री के लिए निदेशक और सदस्य बिना शर्त माफी मांगते हैं। संस्थान ने स्पष्ट किया कि अब यह किताब न तो स्कूलों में उपलब्ध है और न ही ऑनलाइन।

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए न केवल किताब पर प्रतिबंध लगाया था, बल्कि एनसीईआरटी के अधिकारियों को जमकर फटकार भी लगाई थी।

अदालत की टिप्पणी: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह अध्याय न्यायपालिका की गरिमा को कम करने का एक ‘जानबूझकर’ किया गया प्रयास है।

गंभीर आपत्ति: अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा, यह एक सुनियोजित कदम है। क्या आप पूरे शिक्षण समुदाय, छात्रों और अभिभावकों को यह बताना चाहते हैं कि न्यायपालिका भ्रष्ट है? यह एक गहरी साजिश लगती है।

अवमानना का नोटिस और कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी के निदेशक और स्कूल शिक्षा विभाग को अवमानना (Contempt of Court) का नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। कोर्ट के कड़े आदेश के बाद ही एनसीईआरटी ने आनन-फानन में डिजिटल और प्रिंट, दोनों ही माध्यमों से इस किताब की सभी प्रतियों को वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू की।

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