योगी कैबिनेट में हुए 30 बड़े फैसले: अब बिना खतौनी जांचे नहीं होगी रजिस्ट्री, कर्मचारियों के लिए बदले नियम
Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार ने सुशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए आज जमीनों के फर्जीवाड़े को रोकने, ग्रामीण परिवहन को सुधारने और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए कई अहम बदलावों पर मुहर लगा दी है।
जमीन रजिस्ट्री में अब खेल खत्म
जमीनों की खरीद-फरोख्त में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के नए नियम के मुताबिक, अब किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले खतौनी और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन (Verification) अनिवार्य होगा। बिना राजस्व रिकॉर्ड की जांच किए कोई भी रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी, जिससे भू-माफियाओं के सिंडिकेट पर कड़ी चोट लगेगी।
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की शुरुआत
गांवों की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए सरकार ने 12,200 दूर-दराज के गांवों को सीधी बस सेवा से जोड़ने का निर्णय लिया है।
ये छोटी (28 सीटर) बसें होंगी जो रात में गांवों में रुकेंगी और सुबह 10 बजे से पहले जिला मुख्यालय पहुंचेंगी।
इन बसों को टैक्स और परमिट से छूट दी गई है।
ओला-उबर जैसी कंपनियों को अब परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा (शुल्क 25,000 रुपये)।

सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्त आचरण नियमावली
भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी कर्मचारियों के लिए नियम कड़े कर दिए गए हैं।
अब यदि कोई कर्मचारी अपने 2 महीने के मूल वेतन से अधिक की चल संपत्ति (जैसे कार, सोना या निवेश) का लेनदेन करता है, तो उसे सरकार को सूचना देनी होगी।
शेयर मार्केट में 6 महीने के वेतन से ज्यादा निवेश करने पर भी घोषणा अनिवार्य होगी।
घर खरीदारों को बड़ी राहत (OTS योजना)
आवास विकास परिषद और विकास प्राधिकरणों के करीब 19,000 डिफॉल्टरों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना शुरू की गई है। इसके तहत लोग ब्याज और जुर्माने में छूट पाकर अपना बकाया 3 महीने के भीतर जमा कर सकेंगे।
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