Lucknow News: KGMU में कल से शुरू होगी देश की पहली पोस्ट टीबी क्लीनिक, जानें कैसे मिलेगा मुफ्त इलाज
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) ने विश्व टीबी दिवस (24 मार्च 2026) की पूर्व संध्या पर देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मील का पत्थर स्थापित किया है। केजीएमयू अब उन मरीजों की सुध लेगा जो टीबी से तो जंग जीत चुके हैं, लेकिन उसके बाद होने वाली फेफड़ों की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। संस्थान कल से देश की अपनी तरह की पहली “पोस्ट टीबी डिजीज क्लीनिक” का शुभारंभ करने जा रहा है।
क्यों पड़ी इस क्लीनिक की जरूरत?
रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए बताया कि लगभग 50% टीबी मरीज उपचार पूरा होने के बाद भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाते। उनके फेफड़ों में फाइब्रोसिस (फेफड़ों का कड़ा होना), घाव या सांस फूलने जैसी स्थायी समस्याएं रह जाती हैं। अब इन मरीजों को ‘पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन केंद्र’ में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में पूरी तरह नि:शुल्क उपचार मिलेगा।
समग्र उपचार: योग से लेकर डाइट तक सब एक छत के नीचे
यह क्लीनिक केवल दवाएं ही नहीं, बल्कि मरीजों के संपूर्ण पुनर्वास (Rehabilitation) पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसमें विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम शामिल होगी।
विशेषज्ञ टीम: डॉक्टर, फिजियोथैरेपिस्ट, डाइटिशियन और प्रोफेशनल काउंसलर।
उपचार के तरीके: आधुनिक चिकित्सा के साथ योग, प्राणायाम और ऑनलाइन प्रशिक्षण की सुविधा।
लाभ: 3 महीने के इस विशेष कोर्स से मरीजों की सांस लेने की क्षमता, कार्यक्षमता और पोषण स्तर में सुधार होगा।
कुलपति का संदेश: “नई जिंदगी देने वाली पहल”
केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानन्द ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे टीबी से उबर चुके मरीजों के लिए एक नया जीवन बताया। उन्होंने कहा कि अक्सर इलाज के बाद मरीज की गुणवत्तापूर्ण जीवन (Quality of Life) की अनदेखी होती थी, जिसे यह क्लीनिक अब दूर करेगी।
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