‘इटावा आना है तो आओ, वोट नहीं मिलेगा’, शिवपाल ने कांग्रेस को दिया 2027 का सीधा जवाब

Shivpal Yadav on Congress in Etawah: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2027) से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस (Congress) के बीच सियासी खींचतान बढ़ती दिख रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने 24 सितंबर को रायबरेली से पीडीए रथ यात्रा (PDA Rath Yatra) की शुरुआत की थी। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) ने पलटवार करते हुए कहा था कि अगर अखिलेश रायबरेली और अमेठी जा सकते हैं तो कांग्रेस भी कन्नौज, इटावा और सैफई जा सकती है।

अब सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) ने कांग्रेस को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता इटावा, सैफई या आसपास के इलाकों में अभियान चलाने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन यहां कांग्रेस को वोट नहीं मिलने वाला। शिवपाल ने खास तौर पर जसवंतनगर में अपनी जीत का रिकॉर्ड कायम रहने का दावा किया।

 

जसवंतनगर में कांग्रेस का पुराना रिकॉर्ड

जसवंतनगर विधानसभा सीट (Jaswantnagar Assembly Seat) का चुनावी इतिहास सपा के मजबूत प्रभाव को दिखाता है। 1952 में कांग्रेस के मेहरबान सिंह यादव ने यहां जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1967 में मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) पहली बार इस सीट से विधानसभा पहुंचे। 1969 में कांग्रेस के विसंबर सिंह यादव ने उन्हें हराया, लेकिन 1974 में मुलायम सिंह यादव ने फिर वापसी की।

1980 में कांग्रेस के बलराम सिंह यादव ने मुलायम सिंह यादव को हराया था। यह जसवंतनगर में कांग्रेस की आखिरी जीत रही। इसके बाद मुलायम सिंह यादव और बाद में शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) का इस सीट पर दबदबा बना रहा। शिवपाल 1996 के बाद 2002, 2007, 2012, 2017 और 2022 में जसवंतनगर से निर्वाचित हुए।

हालिया चुनावों में भी कांग्रेस की मौजूदगी सीमित रही। 2002 में कांग्रेस उम्मीदवार अनिल यादव को 1,261 वोट, 2007 में शिशुपाल सिंह यादव को 2,400 और 2012 में अजय यादव को 8,260 वोट मिले थे। 2017 और 2022 में कांग्रेस ने यहां उम्मीदवार नहीं उतारा।

इटावा-सैफई में कांग्रेस की सक्रियता पर नजर

इटावा सदर और भरथना में भी कांग्रेस का प्रदर्शन अलग-अलग चुनावों में सीमित रहा है। हालांकि भरथना में 2002 में कांग्रेस के विनोद यादव ने 53,118 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी।

Shivpal Yadav का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब सपा और कांग्रेस दोनों ही 2027 के चुनाव के लिए संगठन और जनाधार मजबूत करने में जुटे हैं। कांग्रेस की ओर से इटावा और सैफई में सक्रियता बढ़ाने के संकेत और उसके जवाब में शिवपाल का बयान आने वाले समय में दोनों दलों के स्थानीय समीकरणों को लेकर चर्चा बढ़ा सकता है।

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