अखिलेश यादव को पोस्टरों के जरिए निमंत्रण, मथुरा कृष्ण जन्मभूमि धर्म संसद में शामिल होने की अपील
Lucknow News: मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के मुद्दे को लेकर आयोजित होने जा रही धर्म संसद से ठीक पहले राजधानी लखनऊ का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को इस धर्म संसद में शामिल होने का निमंत्रण देने के लिए लखनऊ के प्रमुख चौराहों और उनके आवास के आसपास विशेष पोस्टर लगाए गए हैं।
यह पोस्टर विश्व हिंदू रक्षा परिषद की महिला विंग की अध्यक्ष प्रियंका ठाकुर और प्रदेश अध्यक्ष बादल यादव द्वारा लगाए गए हैं। पोस्टर के जरिए सपा प्रमुख से अपील की गई है कि वे सनातनियों के समर्थन में आगे आएं। पोस्टर में सीधे तौर पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा गया है, “आदरणीय अखिलेश यादव जी, हमारे आराध्य कृष्ण भगवान के मथुरा में भव्य मंदिर निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय धर्म संसद होने जा रहा है। उम्मीद है कि आप जिस तरह मुस्लिम वोटों के लिए ईद पर ईदगाह जाते हैं, उसी तरह इस धर्म संसद में आकर विदेशी आक्रांताओं के प्रतीकों को हटाने और मंदिर निर्माण के पक्ष में सनातनियों का साथ देंगे।”
पोस्टर में भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र धारण किए हुए रूप को दर्शाया गया है और अंत में नारा दिया गया है- “अयोध्या, काशी तो बस झांकी है, अब केवल मथुरा ही बाकी है…”

मथुरा में भव्य मंदिर निर्माण की मांग तेज
आयोजकों और हिंदू संगठनों का कहना है कि सदियों के संघर्ष के बाद जैसे अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है, उसी तर्ज पर मथुरा में भी भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को मुक्त कराकर भव्य मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि सनातन परंपरा आदिकाल से निष्पक्षता और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना पर आधारित रही है और आस्था के केंद्रों का पुनरुद्धार आवश्यक है।
गौरतलब है कि मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा विवाद फिलहाल इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। हिंदू पक्ष की ओर से शाही ईदगाह मस्जिद परिसर को हटाकर पूरी भूमि का कब्जा सौंपने और मंदिर बहाल करने की मांग को लेकर कुल 18 वाद दायर किए गए हैं। हाईकोर्ट अपने एक आदेश में यह स्पष्ट कर चुका है कि ये वाद ‘पूजा स्थल अधिनियम, 1991’ (Places of Worship Act, 1991) और वक्फ अधिनियम से बाधित नहीं हैं।
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