पैक्स कर्मचारियों के 8 साल के बकाया वेतन और वोट चोरी के मुद्दे पर आप का प्रदर्शन 9 अक्टूबर को
Lucknow News: आम आदमी पार्टी (AAP) के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ स्थित पार्टी प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर योगी और मोदी सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने उत्तर प्रदेश की प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (पैक्स) के कर्मचारियों के पिछले 8 वर्षों से अटके वेतन का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 7,266 पैक्स समितियों में से लगभग 5,127 समितियों के सचिवों, अकाउंटेंट्स और चौकीदारों को 8 साल से वेतन नहीं मिला है। संजय सिंह ने कहा कि 9 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करने वाली राज्य सरकार कर्मचारियों के मात्र ₹313 करोड़ के बकाये के लिए संवेदनशील नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि AAP इस आंदोलन का समर्थन करेगी और संसद तक आवाज उठाएगी।
80-20 के दावों पर कसा तंज
प्रेस वार्ता में मौजूद सहकारी समिति कर्मचारी प्रतिनिधि शैलेंद्र तिवारी के आंकड़ों का हवाला देते हुए संजय सिंह ने कहा कि सहकारिता मंत्री के गृह जनपद तक में ₹1.80 करोड़ का वेतन बकाया है। मुख्यमंत्री के बयानों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों के घरों में राशन नहीं है और जो इलाज के अभाव में परेशान हैं, वे सब वही ’80 प्रतिशत’ लोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेशों के बावजूद कर्मचारियों को हक नहीं दिया जा रहा और 9 साल की सेवा के बाद भी कैडर सचिवों की एडीओ पद पर पदोन्नति रोक कर रखी गई है।

वोट चोरी के खिलाफ 9 अक्टूबर को लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि एसआईआर (SIR) के नाम पर देश में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम काटने का प्रयास हुआ है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सत्ताधारी दल के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। इसी विरोध में आम आदमी पार्टी ने 9 अक्टूबर को राजधानी लखनऊ में व्यापक प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की दी चुनौती
प्रधानमंत्री के कार्यकाल पर कटाक्ष करते हुए संजय सिंह ने कहा कि यदि सरकार अपनी लोकप्रियता को लेकर आश्वस्त है तो उसे बैलेट पेपर से चुनाव कराने की हिम्मत दिखानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मुंद्रा पोर्ट पर पकड़ी गई 20,000 करोड़ रुपये की ड्रग्स मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। साथ ही, राजधानी लखनऊ में आई भीषण बाढ़ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1,500 से अधिक घर जलमग्न हैं, लेकिन सरकार राहत कार्यों की अनदेखी कर रही है।
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