पत्नी और प्रेमी ने पति की हत्या कर हादसा दिखाने की कोशिश की, दोनों को उम्रकैद

UP Crime News: कानपुर देहात की अदालत ने औरैया के चंद्रभान हत्याकांड में पत्नी कुसमा देवी और उसके प्रेमी धवलेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 33-33 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। वहीं, मारपीट के 2012 के एक अन्य मामले में चार दोषियों को चार साल की सजा हुई है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में अदालत ने दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में अहम फैसला सुनाया है। पहले मामले में पत्नी और उसके प्रेमी को पति की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा दी गई। आरोप था कि हत्या के बाद शव को सड़क हादसा दिखाने के लिए सिकंदरा क्षेत्र में फेंक दिया गया था। दूसरे मामले में वर्ष 2012 में हुई मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने के मुकदमे में चार लोगों को चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।

पत्नी और प्रेमी ने की थी हत्या, शव को सड़क किनारे फेंका

एडीजीसी केके सिंह के मुताबिक, औरैया जिले के अजीतमल थाना क्षेत्र के महाराजपुर निवासी चंद्रभान उर्फ रवि की पत्नी कुसमा देवी उर्फ कृष्णा नाराज होकर मायके चली गई थी। उसे वापस घर लाने के लिए चंद्रभान 10 फरवरी 2024 को कमंडलपुर जाने की बात कहकर घर से निकला था।

13 फरवरी को सिकंदरा थाना क्षेत्र में खोजाफूल के पास उसका शव मिला। शुरुआत में पुलिस ने शालू कटियार की तहरीर पर दुर्घटना का मुकदमा दर्ज किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने दुर्घटना के मुकदमे को हत्या की धारा में बदलकर जांच शुरू की।

उधर, चंद्रभान के कई दिन तक घर नहीं लौटने पर उसके पिता रामलाल और परिजन तलाश कर रहे थे। खोजाफूल में शव मिलने की जानकारी पर वे सिकंदरा थाने पहुंचे। कपड़ों और तस्वीर के आधार पर 24 फरवरी को शव की पहचान चंद्रभान के रूप में की गई।

पुलिस ने उसकी पत्नी कुसमा देवी उर्फ कृष्णा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने वारदात कबूल कर ली। इसके बाद भोगनीपुर निवासी उसके प्रेमी धवलेंद्र उर्फ पिंटू को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए।

अदालत ने दोनों दोषियों को सुनाई उम्रकैद

एडीजे कोर्ट संख्या-4 ने वादी और गवाहों के बयान, पुलिस की जांच तथा अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कुसमा देवी उर्फ कृष्णा और धवलेंद्र उर्फ पिंटू को हत्या का दोषी ठहराया।

अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और अलग-अलग धाराओं में प्रत्येक पर 33 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोनों को नौ महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। फैसले के बाद दोनों दोषियों को माती जेल भेज दिया गया।

मारपीट के 14 साल पुराने मामले में चार दोषियों को सजा

दूसरे मामले में जिला जज की अदालत ने वर्ष 2012 में बिल्हौर में हुई मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में चार लोगों को चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

डीजीसी विजय सिंह और एडीजीसी संतोष कटियार के मुताबिक, बिल्हौर के बिरहाना निवासी योगेंद्र सिंह ने 8 अप्रैल 2012 को दिनेश कुमार, उसके भाई सुधीर कुमार, राकेश और राकेश के बेटे राहुल के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में गंभीर चोट पहुंचाने की धारा बढ़ाई गई। इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।

जिला जज की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान वादी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस की जांच और अभियोजन तथा बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें चार साल के सश्रम कारावास के साथ 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

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