यूपी में SIR के दौरान 2.96 करोड़ नाम कटने पर कांग्रेस ने मांगा जवाब, जांच की मांग
UP SIR Voter List: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से कई सवाल पूछे हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने मतदाता सूची से 2.96 करोड़ नाम हटाए जाने, करीब 16 लाख नए मतदाताओं के पंजीकरण और 85,854 फॉर्म-7 के इस्तेमाल से जुड़े आंकड़ों पर जवाब मांगा है। उन्होंने इन मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची से हटाए गए नामों का कारणवार ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए। साथ ही, फॉर्म-6 के जरिए पंजीकरण कराने वाले नए मतदाताओं की जानकारी और उनके सत्यापन की स्थिति भी स्पष्ट करनी चाहिए।
फॉर्म-7 के इस्तेमाल का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने फॉर्म-7 के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि हर फॉर्म के आधार, सत्यापन और उस पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड सामने आना चाहिए। इतने बड़े स्तर पर मतदाता सूची में हुए बदलावों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि नाम हटाने और नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया में तय नियमों का पालन हुआ या नहीं। कांग्रेस का कहना है कि इन आंकड़ों से जुड़े सभी सवालों का जवाब आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर दिया जाना चाहिए।
‘मतदाता सूची की विश्वसनीयता लोकतंत्र की बुनियाद’
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता लोकतंत्र की बुनियाद है। हर पात्र नागरिक को अपने मताधिकार की सुरक्षा का भरोसा मिलना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि निर्वाचन आयोग सभी आंकड़ों और आधिकारिक दस्तावेजों के साथ पूरी स्थिति स्पष्ट करे। यदि जांच में कहीं नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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