पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने बनाई नई पार्टी ‘जननीति भारत’, जनता से किए 3 वादे
Divya Mittal New Part: पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में अपनी नई पारी का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जननीति भारत’ बनाने और चुनाव लड़ने की घोषणा की। दिव्या मित्तल ने कहा कि उनकी पार्टी का मकसद आम लोगों की जरूरतों के आधार पर नीतियां बनाना है।
पार्टी की सोच बताते हुए उन्होंने कहा, “राजनीति आप पर राज करती है, लेकिन ये दल आपके राज के लिए बना है।” उन्होंने अपनी पार्टी के तीन वचन भी बताए। इनमें जनता की जरूरतों के हिसाब से नीति बनाना, हर फैसला जरूरत को देखकर लेना और फैसलों में बराबरी को प्राथमिकता देना शामिल है।
दिव्या मित्तल ने बताए पार्टी के तीन वचन
दिव्या मित्तल ने ‘जननीति भारत’ की सोच को तीन वचनों के जरिए सामने रखा। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियां आम लोगों की वास्तविक जरूरतों पर आधारित होंगी।
- पहला वचन: जन से नीति और नीति से भारत।
- दूसरा वचन: हर फैसला जरूरत देखकर लिया जाएगा।
- तीसरा वचन: जरूरत से फैसला, फैसले में बराबरी।
उन्होंने कहा कि किसानों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए उनके अनुभवों और सुझावों को आधार बनाया जाएगा। विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों में जाति, धर्म या पहचान के बजाय लोगों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात भी कही।
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— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) October 15, 2026
महिलाओं की सुरक्षा को पार्टी के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया है। इसके अलावा, स्थानीय विकास कार्यों में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। दिव्या मित्तल के मुताबिक, इससे लोगों की जरूरतों के हिसाब से योजनाएं बनाने और उन्हें लागू करने में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
व्हाट्सऐप पर आए इतने संदेश कि नंबर ही रुक गया
दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि राजनीति में आने की बात कहने के बाद उन्होंने लोगों को एक नंबर दिया था। इस पर इतने संदेश आए कि व्हाट्सऐप ने उसे रोक दिया। उन्होंने इसके लिए माफी मांगी और लोगों के समर्थन के लिए आभार जताया।
उन्होंने कहा कि वह उम्मीद का दीया लेकर निकली थीं, लेकिन लोगों के संदेशों ने उन्हें सूरज के सामने खड़े होने जैसा एहसास कराया।
नई पार्टी के नाम और सोच के बारे में बताते हुए दिव्या मित्तल ने कहा कि देश में राजनीतिक दलों की कमी नहीं है, बल्कि समस्या यह है कि सभी लोगों की सुनवाई नहीं होती। उन्होंने गंगा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हर बूंद बराबर है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी पार्टी का नाम ‘जननीति भारत’ रखा।
राजा भैया और अखिलेश यादव की पार्टी से जुड़ने की भी हुई थी चर्चा
दिव्या मित्तल के राजनीति में आने की चर्चा के बीच उन्हें दूसरी पार्टियों से जुड़ने के प्रस्ताव मिलने की बात भी सामने आई थी। रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की जनसत्ता दल की ओर से उन्हें पार्टी से जुड़ने का प्रस्ताव दिए जाने की चर्चा हुई थी।
वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक सवाल के जवाब में दिव्या मित्तल को सपा में शामिल होने का ऑफर दिया था। अखिलेश यादव ने कहा था कि अब उन्हें तय करना पड़ेगा कि वह हरा गमछा पहनें या लाल गमछा।
करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद छोड़ी IAS की नौकरी
दिव्या मित्तल करीब 13 साल तक प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद IAS की नौकरी छोड़कर राजनीति में आई हैं। वह मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुकी हैं।
प्रशासनिक सेवा के दौरान उनकी पहचान सख्त कार्यशैली और फैसलों को लेकर चर्चा में रहने वाली अधिकारी के रूप में बनी। हालांकि, उनकी तैनाती के दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ मतभेदों की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। मिर्जापुर में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय नेताओं के साथ उनके टकराव की बातें कही जाती रही हैं।
अब ‘जननीति भारत’ के जरिए दिव्या मित्तल ने अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने का ऐलान किया है। उनकी पार्टी चुनाव में किस तरह आगे बढ़ेगी और आम लोगों को अपनी राजनीतिक पहल से कैसे जोड़ेगी, इस पर आगे नजर रहेगी।

