भारत के लिए किया इंटरनेशनल डेब्यू, पाकिस्तान के लिए खेला आखिरी मैच, रणजी में बनाया था अनोखा रिकॉर्ड
Sports News: क्रिकेट इतिहास में कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे हैं, जिन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों की टीमों का प्रतिनिधित्व किया।
गुल मोहम्मद उन्हीं में से एक थे। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत भारत के लिए की, लेकिन आखिरी टेस्ट पाकिस्तान की ओर से खेला।
गुल मोहम्मद ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के साथ घरेलू क्रिकेट में भी बड़ा रिकॉर्ड कायम किया था।
15 अक्टूबर 1921 को जन्मे गुल मोहम्मद ने उस दौर में क्रिकेट खेलना शुरू किया, जब भारत का विभाजन नहीं हुआ था। बाद में देश के बंटवारे के बाद वह पाकिस्तान चले गए और वहां की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने।
भारत के लिए खेले 8 टेस्ट, पाकिस्तान से एक मुकाबला
गुल मोहम्मद ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 9 टेस्ट मैच खेले। इनमें से 8 मुकाबले उन्होंने भारत और एक टेस्ट पाकिस्तान के लिए खेला।
अपने टेस्ट करियर में उन्होंने 205 रन बनाए और 2 विकेट हासिल किए। पाकिस्तान की ओर से खेले गए इकलौते टेस्ट में उन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर 39 रन बनाए थे।
गुल मोहम्मद ने 1946 में नवाब पटौदी की कप्तानी में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में अपना पहला टेस्ट खेला था। भारत की आजादी और विभाजन के बाद भी उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व जारी रखा।

1947-48 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने भारत के लिए पांच टेस्ट मैच खेले, जिनमें उनके बल्ले से 130 रन निकले। इसके बाद 1952-53 में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ भी भारत की ओर से दो टेस्ट मैच खेले।
1956 में पाकिस्तान के लिए खेला आखिरी टेस्ट
1956 में गुल मोहम्मद पाकिस्तान चले गए। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम से खेलने का मौका मिला।
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पाकिस्तान के लिए अपना एकमात्र टेस्ट मैच खेला। इसी के साथ उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हुआ, जिसमें उन्होंने दोनों देशों की टीमों का प्रतिनिधित्व किया।
रणजी ट्रॉफी फाइनल में 577 रन की साझेदारी
गुल मोहम्मद का घरेलू क्रिकेट में भी शानदार रिकॉर्ड रहा। 1946-47 के रणजी ट्रॉफी फाइनल में बड़ौदा की ओर से खेलते हुए उन्होंने विजय हजारे के साथ मिलकर होल्कर के खिलाफ चौथे विकेट के लिए 577 रन की साझेदारी की थी।
मैच में बड़ौदा के तीन विकेट 91 रन पर गिर गए थे। इसके बाद गुल मोहम्मद बल्लेबाजी के लिए उतरे और हजारे के साथ मिलकर 8 घंटे 53 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे।
दोनों ने चौथे विकेट के लिए 577 रन जोड़े, जिसमें गुल मोहम्मद का योगदान 319 रन का था।
इस साझेदारी की बदौलत बड़ौदा ने 784 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। गुल मोहम्मद का यह प्रदर्शन रणजी ट्रॉफी के इतिहास की यादगार पारियों में गिना जाता है।

