राहुल गांधी की रायबरेली जीत पर राजनाथ सिंह को अजय राय का जवाब, वाराणसी चुनाव पर उठाए सवाल
Ajay Rai: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से राहुल गांधी की रायबरेली से जीत को लेकर विपक्षी गठबंधन पर सवाल उठाए जाने के बाद कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि दूसरों के जनादेश पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को वाराणसी के चुनाव परिणाम और अपने राजनीतिक आचरण पर भी जवाब देना चाहिए।
अजय राय ने कहा कि लोकतंत्र में गठबंधन करना हर राजनीतिक दल का अधिकार है। भाजपा ने भी लोकसभा चुनाव में अपना दल (एस), राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी), सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और निषाद पार्टी जैसे सहयोगियों के साथ चुनाव लड़ा था। ऐसे में विपक्षी दलों के गठबंधन पर सवाल उठाना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
वाराणसी में जीत के अंतर को लेकर उठाए सवाल
अजय राय ने 2024 के वाराणसी लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब 1.52 लाख मतों के अंतर से जीते थे। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले बड़े अंतर से जीत के दावे किए जा रहे थे, लेकिन नतीजे उन दावों के मुताबिक नहीं रहे।
कांग्रेस नेता ने मतगणना के शुरुआती दौर को लेकर उठे सवालों का हवाला देते हुए राउंडवार परिणाम और उनसे जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता से जुड़े सवालों का जवाब आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि प्रमाणित दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए।
चुनावी शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग
अजय राय ने चुनाव से जुड़ी शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष समीक्षा करने की भी मांग की। राजनाथ सिंह को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की रायबरेली में जीत पर टिप्पणी करने से पहले वाराणसी के चुनाव से जुड़े सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से सहयोगी दलों के समर्थन के बिना चुनाव लड़कर दिखाएं। अजय राय ने कहा कि चुनाव में अंतिम फैसला जनता करती है और लोकतंत्र की असली ताकत मतदाता का जनादेश है।
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