अमरोहा में ददिया सास ने पहले घोंटा बहू का गला, फिर मूसली से कूचकर उतारा मौत के घाट

Amroha News: उत्तर प्रदेश के अमरोहा में रिश्तों को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। आदमपुर थाना क्षेत्र के बुखारीपुर गांव में 22 वर्षीय पायल की हत्या कर दी गई। आरोप है कि उसकी 78 वर्षीय ददिया सास क्रांति गिरी ने पहले उसका गला घोंटा और फिर सिर पर लोहे की मूसली से वार किया। पुलिस को घर में लगे सीसीटीवी फुटेज से यह आशंका भी हुई है कि हत्या से पहले पायल को कोई नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया गया होगा। हालांकि, इस पहलू की जांच की जा रही है।

शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे डायल 112 के जरिए पुलिस को पायल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर की रसोई में उसका शव पड़ा मिला। आसपास खून बिखरा हुआ था। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हत्या में इस्तेमाल की गई मूसली बरामद कर ली। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शक के आधार पर तीन लोगों से थाने में पूछताछ की जा रही है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।

पति की मौत के बाद ससुराल में रह रही थी पायल

अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया ने बताया कि सूचना मिलने के बाद थाना आदमपुर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की। शुरुआती जांच में सिर पर भारी वस्तु से वार किए जाने की बात सामने आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, पायल के सिर पर मूसली से हमला करने से पहले उसका गला भी घोंटा गया था।

पुलिस के अनुसार, पायल के पति दीपक ने करीब एक महीने पहले किसी कारण से आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद से पायल अपनी ससुराल में रह रही थी। शुक्रवार सुबह घर में किसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान ददिया सास क्रांति गिरी ने लोहे की मूसली से पायल के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

थानाध्यक्ष कोमल तौमर और सीओ अजय कुमार त्यागी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस हत्या के कारणों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।

10 बीघा जमीन को लेकर विवाद की आशंका

पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे कृषि भूमि का विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, दीपक के पिता राकेश गिरि, जो रोजगार सेवक थे, की कई साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद दीपक के दादा उमराव ने अपने नाम की 16 बीघा कृषि भूमि पोते दीपक के नाम कर दी थी। इनमें से छह बीघा जमीन दीपक बाद में बेच चुका था।

दीपक की मौत के बाद बची हुई 10 बीघा जमीन पायल के नाम होनी थी। पुलिस को आशंका है कि क्रांति गिरी चाहती थी कि यह जमीन उसके नाती मोंटी को मिले। बताया जा रहा है कि वह पायल की शादी भी मोंटी से कराना चाहती थी, लेकिन पायल इसके लिए तैयार नहीं थी। पुलिस इस जमीन और शादी से जुड़े विवाद के पहलू की जांच कर रही है।

घटना के वक्त घर में नहीं था परिवार का कोई दूसरा सदस्य

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह पायल रसोई में खाना बनाने जा रही थी। वहां एक प्लेट में फ्रेंच बीन्स की फलियां रखी थीं। घटना के समय घर में पायल और उसकी ददिया सास के अलावा परिवार का कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था।

पायल की सास आशा देवी और ननद भारती घर के घेर में थीं। परिजनों के मुताबिक, आपसी अनबन के कारण सास और ननद उनके साथ नहीं रहती थीं। दीपक की मौत के बाद घर में पायल, उसकी दो महीने की बेटी वैदिका, ददिया सास क्रांति और संभल जिले के बबराला थाना क्षेत्र के पमारी गांव का रहने वाला फुफेरा देवर मोंटी रहते थे। बताया जा रहा है कि घटना के बाद मोंटी बच्ची वैदिका को दवा दिलाने गया था।

पायल मूल रूप से सैद नगली थाना क्षेत्र के कुआंडाली गांव की रहने वाली थी। उसकी शादी दीपक से करीब एक साल पहले हुई थी। अब पिता की आत्महत्या और मां की हत्या के बाद दो महीने की वैदिका के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया है।

घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। वारदात को लेकर गांव में हैरानी और चर्चा का माहौल है। पुलिस फरार आरोपी क्रांति गिरी की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Also Read: प्रतापगढ़ में दुर्गा पंडाल में DJ बजाने को लेकर बवाल, मारपीट के मामले में 5 गिरफ्तार 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.