शिवा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे ने कोर्ट में दी सरेंडर अर्जी, मां ने सीएम योगी से लगाई न्याय की गुहार

Lucknow News: राजधानी लखनऊ के चर्चित व्यापारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही थी, इसी बीच आरोपी की तरफ से लखनऊ की अदालत में आत्मसमर्पण (सरेंडर) के लिए अर्जी दाखिल कर दी गई है। दूसरी ओर, मृतक शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है।

नेपाल से लौटने के बाद अदालत में दी गई सरेंडर अर्जी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की दबिश और लगातार बदल रहे ठिकानों के बीच मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे नेपाल से वापस उत्तर प्रदेश लौट आई है। नेपाल से लौटने के बाद उसने अदालत में पेश होने के लिए दो दिन पहले ही सरेंडर अर्जी दाखिल कर दी है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के तहत सरेंडर अर्जी देना और अदालत में वास्तव में आत्मसमर्पण करना दो अलग प्रक्रियाएं हैं, इसलिए पुलिस और कानून के जानकारों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आरोपी कब अदालत के समक्ष पेश होती है।

मां रंजना शर्मा ने सीएम योगी को भेजा पत्र

अपने बेटे की मौत से आहत और न्याय की आस लगाए बैठीं मां रंजना शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर मांग की है कि इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की जाए। उन्होंने पत्र में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और इस घटना से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की विस्तार से जांच कराने की अपील की है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि मामले से जुड़े अहम सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड को तत्काल सुरक्षित रखने की मांग की है।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हो समयबद्ध जांच

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में रंजना शर्मा ने यह भी मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सीधी देखरेख में एक तय समयसीमा के भीतर पूरी कराई जाए। यदि जांच प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा, पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और जांच में अब तक हुई प्रगति की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराने का भी विशेष अनुरोध किया है, ताकि उनके बेटे की मौत का सच सामने आ सके और दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।

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