लखीमपुर में छात्रवृत्ति पर संकट, 50 हजार आवेदनों में सिर्फ 28 हजार फॉरवर्ड, तारीख नजदीक
Lakhimpur Kheri Scholarship: लखीमपुर खीरी में छात्रवृत्ति के आवेदनों को आगे भेजने की प्रक्रिया धीमी चल रही है। इससे हजारों छात्र-छात्राओं के छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित होने का खतरा पैदा हो गया है। कक्षा 9 से परास्नातक तक पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया है, लेकिन कॉलेज और विद्यालय स्तर से बड़ी संख्या में आवेदन अब तक फॉरवर्ड नहीं किए गए हैं।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कुल आवेदनों में से अब तक करीब 56 प्रतिशत ही आगे भेजे गए हैं। कक्षा 9 से 12 तक के आवेदनों को फॉरवर्ड करने की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर निर्धारित है। ऐसे में संस्थानों के पास प्रक्रिया पूरी करने के लिए अब बहुत कम समय बचा है।
हाईस्कूल और इंटर के हजारों आवेदन अभी बाकी
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अभय कुमार सागर के अनुसार, कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के कुल 20,566 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 15,498 आवेदन फॉरवर्ड किए जा चुके हैं। इस स्तर पर अभी 5,068 आवेदन आगे भेजे जाने बाकी हैं।
इसी तरह, कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के 15,676 आवेदन आए हैं। इनमें से 11,176 आवेदन फॉरवर्ड किए गए हैं, जबकि 4,500 आवेदन अभी लंबित हैं।
दोनों स्तरों को मिलाकर कक्षा 9 से 12 तक के कुल 36,242 आवेदनों में से 26,674 आवेदन फॉरवर्ड किए गए हैं। बाकी 9,568 आवेदनों को तय समय सीमा के भीतर आगे भेजना होगा।
स्नातक और परास्नातक के आवेदनों की रफ्तार बेहद धीमी
स्नातक और परास्नातक स्तर पर आवेदन फॉरवर्ड करने की स्थिति और भी धीमी है। इन पाठ्यक्रमों के लिए कुल 13,959 आवेदन प्राप्त हुए हैं, लेकिन अब तक केवल 1,059 आवेदन ही फॉरवर्ड किए गए हैं। यानी इस श्रेणी में 12,900 आवेदन अभी आगे भेजे जाने बाकी हैं।
अधिकारी के मुताबिक, स्नातक और परास्नातक के आवेदनों को फॉरवर्ड करने की अंतिम तिथि नवंबर में निर्धारित है। हालांकि, इसकी सटीक तारीख नहीं बताई गई है।
कॉलेज प्रबंधकों से समय पर आवेदन भेजने की अपील
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अभय कुमार सागर ने सभी कॉलेज प्रबंधकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर छात्रवृत्ति के आवेदनों को फॉरवर्ड करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया समय पर पूरी करना जरूरी है, ताकि पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके।
अब देखना होगा कि अंतिम तिथि से पहले विद्यालय और कॉलेज लंबित आवेदनों को कितनी तेजी से फॉरवर्ड करते हैं। यदि आवेदन समय पर आगे नहीं भेजे गए, तो पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति पाने में परेशानी हो सकती है।

