एपस्टीन फाइल्स की नई तस्वीर से फिर चर्चा में हरदीप पुरी, पुरानी ईमेल ने भी खींचा ध्यान
Hardeep Singh Puri Epstein Photo: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और यौन अपराध के दोषी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) की एक तस्वीर सामने आने के बाद उनकी मुलाकातों पर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी एपस्टीन फाइल्स (Epstein Files) की इस तस्वीर में दोनों एक मेज के आमने-सामने बैठे हैं। तस्वीर में उनके अलावा कोई और नजर नहीं आ रहा। मंगलवार, 20 अक्टूबर को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई।
इससे पुरी के उस बयान की चर्चा शुरू हो गई, जिसमें उन्होंने कहा था कि एपस्टीन से उनकी पहली मुलाकात अंतरराष्ट्रीय शांति संस्थान के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में हुई थी।
पुरी के कार्यालय ने दी सफाई
सवालों पर पुरी के कार्यालय ने कहा कि मंत्री को याद नहीं है कि तस्वीर किस मुलाकात की है और तस्वीर खींचे जाने से पहले या बाद में वहां कोई और मौजूद था या नहीं। कार्यालय ने स्पष्ट किया कि पुरी ने कभी यह दावा नहीं किया कि वह एपस्टीन से अकेले नहीं मिले थे।
पुरी ने 11 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि 2009 से 2017 के बीच उनकी एपस्टीन से तीन या अधिकतम चार बार मुलाकात हुई थी। उनके तत्कालीन बॉस और नॉर्वे के वरिष्ठ राजनयिक तेर्जे रोड-लार्सन (Terje Rod-Larsen) एपस्टीन को जानते थे। कार्यालय के मुताबिक, तस्वीरें पेशेवर माहौल में हुई मुलाकातों की हैं और उनसे किसी गलत काम में शामिल होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। पुरी ने यह भी कहा था कि वह एपस्टीन के द्वीप पर कभी नहीं गए।
ईमेल में मुलाकातों और वीजा का जिक्र
द वायर की 1 फरवरी की रिपोर्ट के अनुसार, पुरी और एपस्टीन के बीच जून 2014 से जून 2017 तक ईमेल बातचीत हुई। इसमें Jeffrey Epstein के मैनहैटन स्थित घर पर 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को मुलाकातों का जिक्र है। 9 जनवरी 2015 की मुलाकात एपस्टीन के न्यूयॉर्क में न होने के कारण रद्द हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इन मुलाकातों का इंतजाम एपस्टीन की सहायक लेस्ली ग्रॉफ ने किया था।
सितंबर 2014 में एपस्टीन ने पुरी की लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन से पहचान कराई। पुरी ने भारत की इंटरनेट अर्थव्यवस्था, डिजिटल इंडिया और निवेश के अवसरों पर चर्चा की। 24 अक्टूबर 2014 को एपस्टीन ने अपनी सहायक के भारतीय वीजा के लिए मदद मांगी, जिसे पुरी ने पूर्व राजनयिक प्रमोद बजाज को प्राथमिकता के आधार पर भेजा। दिसंबर 2014 में पुरी ने एपस्टीन को उसके ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ से लौटने पर बातचीत और भारत में दिलचस्पी जगाने के लिए किताबें देने की बात भी लिखी।
Jeffrey Epstein ने 2008 में फ्लोरिडा में नाबालिग से देह व्यापार के लिए संपर्क करने का अपराध स्वीकार किया था। जुलाई 2019 में उसे यौन तस्करी के संघीय आरोपों में गिरफ्तार किया गया और अगले महीने मुकदमे का इंतजार करते हुए हिरासत में उसकी मौत हो गई। उसकी मौत को आत्महत्या बताया गया था।
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