नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस ने दर्ज की जीत, संघ के गढ़ में भाजपा को दी शिकस्त
Sandesh Wahak Digital Desk: नागपुर विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस और महा विकास अघाड़ी के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक चुनावी सफलता की खबर सामने आई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय और भाजपा का मजबूत गढ़ माने जाने वाले नागपुर संभाग में कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार अपनी जीत दर्ज की है। लंबी और बेहद दिलचस्प मतगणना प्रक्रिया के बाद कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों के अंतर से पराजित कर इस सीट पर दोबारा कब्जा जमा लिया।
सत्ता और बड़े नेताओं के बावजूद हमारे साथ थे मतदाता
अपनी इस शानदार जीत के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अभिजीत वंजारी ने कहा कि भाजपा ने इस चुनाव को जीतने के लिए अपने दिग्गज नेताओं की फौज उतार दी थी और अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। हालांकि, क्षेत्र के स्नातक मतदाताओं ने विकास और वास्तविक मुद्दों पर भरोसा जताते हुए विपक्षी गठबंधन को अपना समर्थन दिया।
नागपुर के परिणाम का राजनीतिक प्रभाव
यह चुनावी परिणाम राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील और प्रभावकारी माना जा रहा है। नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर है और यह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का संसदीय क्षेत्र भी है। आरएसएस का राष्ट्रीय मुख्यालय नागपुर में स्थित होने के कारण इस क्षेत्र पर वैचारिक और संगठनात्मक रूप से भाजपा की मजबूत पकड़ मानी जाती है। अभिजीत वंजारी ने यह चुनाव महा विकास अघाड़ी (कांग्रेस, शिवसेना-यूबीटी और एनसीपी-शरदचंद्र पवार) के साझा उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था।
इस जीत के साथ ही कांग्रेस ने कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए उपचुनावों में अपनी सफलता की शुरुआत कर दी है। परिणामों के बाद कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा कि इस जनादेश के साथ ही भ्रम का गुब्बारा फूट गया है और नफरत की हार हुई है।
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