बुलंदशहर में 4 करोड़ का GST घोटाला, ‘खिलौना कारोबारी’ ने फर्जी फर्म बनाकर राजस्व विभाग को लगाया चूना

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर में जीएसटी विभाग ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। एक व्यापारी पर खिलौनों का कारोबार दिखाने वाली फर्जी फर्म पंजीकृत कराकर, उसे बंद करने और ₹4.08 करोड़ का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लाभ लेने का आरोप है।

बुलन्दशहर खंड-4 के राज्य कर अधिकारी धर्मपाल सिंह ने इस मामले में कोतवाली नगर में तेजवीर सिंह नामक फर्म संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

कैसे लगाया राजस्व विभाग को चूना?

राज्य कर अधिकारी धर्मपाल सिंह ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि तेजवीर सिंह ने ‘TS इंटरप्राइजेज’ नाम से एक फर्म का ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, जिसे 8 अप्रैल 2025 को रद्द कर दिया गया।आरोप है कि फर्म ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹21.77 करोड़ की आउटवर्ड सप्लाई दर्शाई और ₹4.08 करोड़ की जीएसटी देनदारी स्वीकार की। पूरी देनदारी का समायोजन फर्जी ITC के माध्यम से किया गया। यह भी खुलासा हुआ है कि दिल्ली की एक सप्लायर फर्म ‘देव इंटरप्राइजेज’ ने बिना किसी वास्तविक खरीद के ही ‘TS इंटरप्राइजेज’ को ₹6.03 करोड़ की आउटवर्ड सप्लाई दर्शाते हुए फर्जी ITC पास कर दिया।

फर्जी पता पर कैसे हुआ पंजीकरण?

जीएसटी विभाग की टीम जब फर्म के दर्शाए गए पते (एग्रीकल्चर स्कूल, वलीपुरा) पर भौतिक सत्यापन के लिए पहुँची, तो वहाँ फर्म मौजूद नहीं मिली। विभाग ने इस फर्जी बिलिंग से ₹4,03,51,020.14 के राजस्व नुकसान का आकलन किया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि दर्शाए गए पते पर फर्म न होने के बावजूद उसका ऑनलाइन पंजीकरण कैसे हो गया। पुलिस ने तेजवीर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और राजस्व क्षति पहुँचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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