लखनऊ में चोरी के बड़े गिरोह का भंडाफोड़, मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, 8 गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के गाजीपुर थाने और पूर्वी जोन की क्राइम टीम की संयुक्त कार्रवाई में चोरी और नकबजनी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह बंद मकानों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 7 पुरुष और 1 महिला शामिल हैं। गिरोह के मुख्य सदस्य हिमांशु थारु उर्फ संजू बाबा पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया।
लगातार हो रही थीं चोरी की वारदातें
गाजीपुर थाना क्षेत्र में बीते कुछ महीनों से बंद मकानों में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। अलग-अलग तारीखों पर अजय अग्रवाल, चंद्रशेखर चौधरी, फुलगेन राम, मनोज कुमार सिंह, सुधीर कुमार द्विवेदी और हरवंश सिंह जैसे कई स्थानीय निवासियों ने कीमती जेवरात, नकदी और मोबाइल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इन वारदातों को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम गठित की और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व स्थानीय सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की।
कब्रिस्तान में की गई थी बड़ी कार्रवाई
20 जून को पुलिस को सूचना मिली कि कुकरैल बंधे के पास बने एक मजार के पीछे कब्रिस्तान में कुछ संदिग्ध लोग चोरी का माल बांट रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छह पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान एक अन्य व्यक्ति फरार हो गया, जिसे पीछा करने पर उसने पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और उसकी पहचान हिमांशु थारु उर्फ संजू बाबा के रूप में हुई।
बरामद हुए हथियार और चोरी का माल
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने हिमांशु के पास से एक देसी तमंचा (.315 बोर), एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किए गए आभूषण, लगभग 260 ग्राम चांदी, 47 ग्राम सोना, ₹2,60,000 नकद, 2 स्कूटी (UP32PR9604 व UP32HB2368), दो सब्बल और एक बड़ा पेचकस बरामद किए हैं। स्कूटी UP32HB2368 की चोरी की रिपोर्ट पहले ही गाजीपुर थाने में दर्ज थी।

गिरोह के सभी आरोपी
- हिमांशु थारु उर्फ संजू बाबा – मुठभेड़ में घायल
- आकाश यादव – बस्ती निवासी, लखनऊ में किराये पर रह रहा
- रिंकू कनौजिया – सीतापुर मूल निवासी
- रोहन कश्यप उर्फ शंकर – बाराबंकी निवासी
- विकास जायसवाल – हुसैनगंज निवासी
- रोहित थारु उर्फ छंगा – आलमबाग निवासी
- विकास यादव – बस्ती निवासी
- मानसी शर्मा – हजरतगंज निवासी
अपराध का तरीका
गिरोह के सदस्य पहले कॉलोनियों में काम करने के बहाने जाते और वहां बंद मकानों की रेकी करते थे। बाद में चिन्हित घरों में रात के समय चोरी करते और चोरी का सामान आपस में बांट लेते थे। चोरी के दौरान वे स्कूटी और सब्बल जैसे औजारों का इस्तेमाल करते थे।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
अधिकतर आरोपी पहले से ही कई आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए गए हैं। हिमांशु थारु पर लखनऊ के विभिन्न थानों में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। आकाश यादव, रिंकू कनौजिया, रोहन कश्यप और विकास जायसवाल के खिलाफ भी चोरी, नकबजनी और हथियार अधिनियम से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज हैं।
सराहनीय कार्य, पुलिस टीम को इनाम
इस जटिल मामले का खुलासा करने वाली गाजीपुर पुलिस और क्राइम टीम पूर्वी जोन को पुलिस उपायुक्त पूर्वी की ओर से ₹20,000 का नकद पुरस्कार दिया गया है।गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। घायल अभियुक्त को इलाज के लिए बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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