बरेली और रुहेलखंड के युवाओं के लिए बड़ी सौगात, सीबीगंज में बना आधुनिक आईटी पार्क
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले और पूरे रुहेलखंड क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। अब आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए युवाओं को दिल्ली, नोएडा या अन्य महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। बरेली के सीबीगंज इलाके में तेजी से आईटी पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
खलीलपुर गांव में आकार ले रहा है आईटी पार्क
सीबीगंज क्षेत्र के खलीलपुर गांव में बन रहा यह सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी पार्क अब अपने अंतिम चरण में है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है। फिलहाल भवन के भीतर फर्नीचर लगाने और फिनिशिंग का काम चल रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर इस परियोजना को पूरी तरह तैयार कर लिया जाए।
करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह आईटी पार्क बरेली ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के युवाओं के लिए भी रोजगार का बड़ा केंद्र बनेगा। यहां आईटी, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डाटा मैनेजमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों को जगह दी जाएगी। निवेश को बढ़ावा देने के लिए यहां आने वाली कंपनियों को शुरुआती तीन वर्षों तक किराए में छूट देने की योजना भी बनाई गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा कंपनियां बरेली में निवेश करें।
यहीं मिलेगा आईटी और एआई में करियर का मौका
बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि यह आईटी पार्क मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल एक महत्वपूर्ण परियोजना है। यह पार्क इंडियन टरपेंटाइन एंड रोजिन फैक्टरी परिसर की करीब आठ हजार वर्गमीटर जमीन पर तैयार किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इसके शुरू होने के बाद बरेली और रुहेलखंड के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार के लिए बाहर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी।
आईटी पार्क में डाटा सेंटर, इंक्यूबेशन सेंटर, ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल, मीटिंग रूम और कैफे जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां स्टार्टअप्स को भी विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे नए विचारों और नए व्यवसायों को पनपने का अवसर मिलेगा। आईटी और एआई के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए यह पार्क एक बड़ा प्लेटफॉर्म साबित हो सकता है।
सरकार और प्रशासन की कड़ी निगरानी में निर्माण कार्य
अधिकारियों के अनुसार केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के प्रयास से आईटी पार्क से जुड़े बजट संबंधी अड़चनें दूर हुईं। वहीं, उत्तर प्रदेश के वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार समय-समय पर निर्माण कार्य की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि काम की गुणवत्ता और गति दोनों बनी रहें।
करीब एक साल पहले जिला प्रशासन ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया को यह जमीन 30 साल की लीज पर दी थी। एसटीपीआई ही इस आईटी पार्क को विकसित कर रहा है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी गाजियाबाद की वीके कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपी गई है। आईटी पार्क में दो बड़े सेक्टर तैयार किए जा रहे हैं, जहां अलग-अलग कंपनियां अपने कार्यालय और यूनिट स्थापित कर सकेंगी।
रुहेलखंड के विकास की दिशा में मील का पत्थर
आईटी पार्क के शुरू होने से न सिर्फ युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा, बल्कि बरेली और पूरे रुहेलखंड क्षेत्र का तकनीकी और आर्थिक विकास भी तेज होगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बरेली की पहचान एक उभरते हुए आईटी हब के रूप में स्थापित होगी। आने वाले समय में यह परियोजना क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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