यूपी के नर्सिंग स्टाफ को बड़ी सौगात, अब गृह ज़िले में मिलेगी तैनाती, डिप्टी सीएम ने दिए आदेश
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के नर्सिंग स्टाफ के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। उप मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) ब्रजेश पाठक ने नर्सिंग कर्मियों को तोहफा देते हुए उनकी नियुक्ति अब उनके गृह ज़िले में करने के आदेश दिए हैं।
शनिवार को राजकीय नर्सेज संघ के राज्य स्तरीय अधिवेशन का उद्घाटन करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने नर्सिंग कर्मियों को कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने प्रोन्नति (Promotion) और गृह ज़िले में तैनाती का ऐलान किया।
मुख्य घोषणाएं और निर्देश
चिकित्सा शिक्षा विभाग की तर्ज पर ही अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की नर्सों को भी उनके गृह ज़िले में पोस्टिंग दी जाएगी। इससे स्टाफ को काम करने में आसानी होगी और गुणवत्ता में सुधार आएगा।
वर्ष 2010 में स्वीकृत किए गए महानिदेशालय और अस्पतालों के उच्च पदों को प्रोन्नति के ज़रिए भरा जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन को इस संबंध में तत्काल प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि खाली पदों को जल्द भरने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी और नर्सिंग स्टाफ के काम का बोझ भी कम होगा। सरकार द्वारा एसपी और अन्य भत्तों का लाभ दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा।
नर्सों के समर्पण की सराहना
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने नर्सों के समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर से ज़्यादा नर्सें मरीज के पास रहकर सेवा करती हैं। उन्होंने कहा, “मरीजों की जिंदगी बचाने में नर्सें डॉक्टरों की तरह ही अहम भूमिका अदा कर रही हैं।” उन्होंने नर्सिंग को ‘सेवा का पेशा’ बताते हुए स्टाफ को मरीजों के प्रति अच्छा व्यवहार रखने और उन्हें भगवान मानकर सेवा करने की सलाह दी।
संघ की प्रमुख मांगें:
इस अवसर पर, संघ के महासचिव अशोक कुमार ने सरकार के सामने कुछ महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
- काम के मुकाबले वेतन और भत्ते बढ़ाए जाएँ।
- पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
- सभी खाली पदों को जल्द भरा जाए।
- नए अस्पतालों में बेड के हिसाब से नए पदों का सृजन किया जाए।
- अधिवेशन के दौरान, नर्सिंग सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया।

