रोज की 30–60 मिनट की वॉक है दिल की सबसे सस्ती और असरदार दवा
Sandesh Wahak Digital Desk: तेज़ रफ्तार जिंदगी में हम अक्सर सुनते हैं कि सैर करना फायदेमंद होता है, लेकिन शायद ही कभी इसे गंभीरता से लेते हैं। जबकि एक जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट का कहना है कि रोज़ आधा से एक घंटे की साधारण वॉक दिल के लिए उतनी फायदेमंद है, जितनी कई दवाइयां भी नहीं होतीं। यह आसान-सी गतिविधि शरीर को केवल फिट ही नहीं रखती, बल्कि मूड, तनाव, ब्लड शुगर और मानसिक शांति हर स्तर पर सुधार लाती है। आज के दौर में जब हार्ट डिज़ीज़ तेजी से बढ़ रही है, ऐसी साधारण आदतें जीवन बदल सकती हैं। अमेरिका में हर 5 में से 1 मौत दिल की बीमारी से होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि असली समस्या है शारीरिक निष्क्रियता, और इसका इलाज नियमित गतिविधि, विशेष रूप से वॉकिंग हैं।
क्यों दिल के लिए वरदान वॉकिंग है?
हार्ट ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट कहते हैं कि वे दवाइयों की तुलना में वॉक को ज़्यादा प्रिस्क्राइब करते हैं। रोज़ 30 से 60 मिनट की वॉक आपकी सोच, दिल और पूरी जिंदगी बदल सकती है। उनके मुताबिक वॉकिंग की असली खूबसूरती इसकी सादगी नहीं, बल्कि वह तेज़ बदलाव हैं जो कुछ ही मिनटों में शरीर में शुरू हो जाते हैं। वे बताते हैं कि उन्होंने कई मरीजों को सिर्फ लगातार चलने से थकान से ऊर्जा तक, चिंता से संतुलन तक और दवाइयों से बिना दवा के सुधार तक पहुंचते देखा है।
क्या कहती है रिसर्च?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की एक स्टडी बताती है कि रोज़ कदम बढ़ाने और मध्यम गति से चलने पर महिलाओं में हार्ट डिज़ीज़ से मौत का खतरा काफी कम हो जाता है। ‘Heart’ जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च बताती है कि तेज़ चाल से चलना और कुछ देर इस गति को बनाए रखना हार्ट रिदम की दिक्कतों, एट्रियल फिब्रिलेशन, तेज धड़कन या बहुत धीमी धड़कन, के खतरे को कम करता है।
आइए मिनट-दर-मिनट शरीर में आने वाले बदलाव समझते हैं—
1 मिनट: ब्लड फ्लो तेज हो जाता है। शरीर एक्टिव मोड में आ जाता है।
5 मिनट: मूड बेहतर, चिंता कम होने लगती है।
10 मिनट: तनाव हार्मोन कोर्टिसोल कम होने लगता है।
15 मिनट: ब्लड शुगर स्थिर होने लगता है, खासकर डायबिटीज़ या शुगर-फ्लक्चुएशन वालों के लिए।
30 मिनट: शरीर फैट-बर्निंग मोड में पहुंच जाता है।
45 मिनट: मानसिक थकान, ओवरथिंकिंग और उलझन कम होने लगती है।
60 मिनट: डोपामाइन बढ़ता है। यानी हैप्पीनेस हार्मोन, मन हल्का, शांत और खुश महसूस होता है।
यहां तक कि एक स्टडी बताती है कि सिर्फ 30 मिनट बैठने की बजाय हल्की वॉकिंग करने से मूड और ऊर्जा अगले दिन तक बेहतर रहती है।
महंगे जिम नहीं, बस हर दिन के कुछ कदम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल को अच्छा रखने के लिए आपको महंगे जिम या सप्लीमेंट की ज़रूरत नहीं है। बस आप, आपका दिल और हर दिन के कुछ कदम ही काफी हैं। संदेश साफ है, छोटा शुरू करें, लेकिन नियमित रहें। क्योंकि शरीर हर कदम का धीरे-धीरे, लगातार और चुपचाप फायदा देता है।
Also Read: यूपी पुलिस में नौकरियों की बहार: PAC सहित कई पदों पर 22,000 भर्तियां जल्द, इस दिन जारी होगा विज्ञापन

