कुशीनगर को बड़ी सौगात: गंडक नदी पर 716 करोड़ की लागत से बनेगा पक्का पुल
पडरौना (कुशीनगर): कुशीनगर जिले के खड्डा तहसील अंतर्गत रेता क्षेत्र के निवासियों के लिए एक ऐतिहासिक खबर आई है। बड़ी गंडक (नारायणी) नदी के कारण दशकों से मुख्यधारा से कटे हजारों लोगों की दुश्वारियां अब खत्म होने वाली हैं। शासन की व्यय वित्त समिति ने भैंसहा घाट पर पक्के पुल के निर्माण हेतु 716 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी है।
विकास की नई उड़ान: अब नहीं रहेगा जान का जोखिम
नारायणी नदी के उस पार बसे गांवों के लिए यह पुल किसी जीवनदान से कम नहीं है। अब तक ग्रामीण नाव के सहारे जान जोखिम में डालकर नदी पार करते थे या फिर बिहार होकर 43 किमी का चक्कर काटकर तहसील मुख्यालय पहुंचते थे। खड्डा क्षेत्र के मरिचहवा, हरिहरपुर, नारायनपुर, शिवपुर और महराजगंज के सोहगीबरवा, बसही जैसे दर्जनों गांवों की तस्वीर इस पुल से बदल जाएगी। पीपा पुल जो अक्सर बाढ़ में बह जाता था, अब उसकी जगह एक स्थायी और मजबूत पक्का पुल लोगों को 12 महीने कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री का वादा और विधायक की मेहनत
इस उपलब्धि के पीछे एक लंबा संघर्ष और राजनीतिक इच्छाशक्ति रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 मार्च 2023 को खड्डा में इस पुल की घोषणा की थी, जिसे अब बजट आवंटित कर अमलीजामा पहनाया गया है। खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय ने सदन से लेकर शासन तक इस मांग को मजबूती से रखा। उन्होंने इसे रेतावासियों के संघर्ष और सीएम की संवेदनशीलता की जीत बताया है। ₹716 करोड़ का निवेश इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुँच को क्रांतिकारी रूप से सुगम बनाएगा।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
2019: भैंसहा घाट पर पीपा पुल बना, जिससे दूरी 43 किमी से घटकर 10 किमी हुई, लेकिन यह केवल सीजनल था।
2023: मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से पक्के पुल की घोषणा की।
2026 (जनवरी): ₹716 करोड़ के बजट की अंतिम स्वीकृति के साथ निर्माण का रास्ता साफ हुआ।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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