लखनऊ जेल में बंद बंदी की मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाया बेरहमी से पिटाई का आरोप

Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ के आशियाना थाने द्वारा चोरी के आरोप में जेल भेजे गए 28 वर्षीय युवक मिथुन कुमार की बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मृतक की बहन का दावा है कि पुलिस कस्टडी में युवक की बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ी और अंततः उसकी जान चली गई।

पूरा मामला

सीतापुर निवासी मिथुन कुमार आशियाना के बंगला बाजार में लाइटिंग का काम करता था। पुलिस ने उसे 16 दिसंबर को एक घर में हुई चोरी के आरोप में हिरासत में लिया था। मृतक की बहन मनोरमा का आरोप है कि पुलिस ने मिथुन को चौकी में डंडे और बेल्ट से पीटा। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके सीने पर लातों से प्रहार किया, जिससे उसे गंभीर आंतरिक चोटें आईं।

परिजनों के अनुसार, 26 दिसंबर को जब वे जेल में मिथुन से मिले, तो उसने रोते हुए बताया कि उसे सीने में तेज दर्द है और कोई इलाज नहीं मिल रहा है। उसी शाम जेल प्रशासन ने फोन कर बताया कि उसकी तबीयत खराब है।

परिजनों ने आरोप लगाया कि जब वे बलरामपुर अस्पताल पहुंचे, तब तक मिथुन की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। वहां से उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अन्य गंभीर आरोप

परिजनों का कहना है कि जब वे अस्पताल में मिथुन की चोटों का वीडियो बनाने की कोशिश कर रहे थे, तो पुलिस ने उनके मोबाइल छीन लिए और उनके साथ बदसलूकी की। परिवार अब इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग कर रहा है।

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