SGPGI लखनऊ में ‘विश्व कैंसर दिवस’ पर उमड़ी उम्मीदों की किरण, कैंसर विजेताओं ने साझा की संघर्ष की दास्तां
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के एसजीपीजीआई (SGPGI) स्थित एंडोक्राइन सर्जरी विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल चिकित्सा ज्ञान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं और नई उम्मीदों का उत्सव बन गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में कैंसर को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना और इससे जूझ रहे मरीजों को यह अहसास दिलाना था कि वे इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं।
निदेशक डॉ. धीमान ने दिया संवेदनशीलता का संदेश
संस्थान के निदेशक डॉ. आर. के. धीमान ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि कैंसर अब लाइलाज नहीं है, बशर्ते इसकी पहचान सही समय पर हो जाए। उन्होंने डॉक्टरों और समाज से अपील की कि वे कैंसर सर्वाइवर्स के प्रति अधिक संवेदनशील और करुणामय दृष्टिकोण अपनाएं। एंडोक्राइन सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. गौरव अग्रवाल ने बताया कि कैसे नई तकनीक और अत्याधुनिक सर्जरी के जरिए अब थायरॉयड और अन्य एंडोक्राइन कैंसर का इलाज पहले से कहीं अधिक प्रभावी हो गया है।

मिथक टूटे और मिली नई प्रेरणा
आयोजन सचिव डॉ. ज्ञान चंद के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कैंसर से जुड़ी कई गलतफहमियों पर बात की। डॉ. अंजलि मिश्रा ने स्तन कैंसर (Breast Cancer) से जुड़े मिथकों को वैज्ञानिक तथ्यों के साथ स्पष्ट किया, वहीं डॉ. साबरेत्नम और डॉ. रिनेल एम. ने थायरॉयड कैंसर की सच्चाइयों से लोगों को अवगत कराया।
कार्यक्रम में प्रेरक वक्ता डी. के. वर्मा ने अपनी बातों से मरीजों में जोश भरा, तो वहीं बॉलीवुड सेलेब्रिटी पुनीत शुक्ला ने कैंसर विजेताओं के साथ आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि कैंसर को हराने के लिए मानसिक मजबूती उतनी ही जरूरी है जितनी कि मेडिकल थेरेपी।
सबसे भावुक पल
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली हिस्सा वह रहा जब ‘कैंसर सर्वाइवर्स’ (कैंसर को हरा चुके लोग) मंच पर आए। उन्होंने जब अपनी आपबीती और अपनी विजय की कहानी सुनाई, तो हॉल में मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं। उनकी कहानियों ने वहां मौजूद वर्तमान मरीजों को यह विश्वास दिलाया कि कैंसर के बाद भी एक खूबसूरत और स्वस्थ जीवन संभव है।
इस आयोजन में एंडोक्राइन सर्जरी, रेडियोथेरेपी और न्यूक्लियर मेडिसिन जैसे विभिन्न विभागों के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्रों ने हिस्सा लिया। यह एकजुटता दर्शाती है कि PGI कैंसर के इलाज के लिए एक ‘मल्टी-डिसिप्लिनरी’ अप्रोच (बहुविषयक दृष्टिकोण) अपना रहा है, जहाँ मरीज को हर तरह की विशेषज्ञता एक ही छत के नीचे मिलती है।
अंत में, सभी ने संकल्प लिया कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक कैंसर जागरूकता पहुंचाएंगे और शीघ्र निदान (Early Diagnosis) के महत्व को घर-घर तक ले जाएंगे।
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