UP News: क्या मुख्य सचिव के रिटायर होने का इंतजार कर रही थी ईडी?

अभिषेक प्रकाश का आर्थिक साम्राज्य अभी भी सेफ, दलाल निकांत जैन के ठिकानों पर छापेमारी

Sandesh Wahak Digital Desk: लंबे वक्त बाद ईडी ने निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश के करीबी दलाल निकान्त जैन से जुड़े ठिकानों पर मनी लांड्रिंग की जांच के सिलसिले में छापेमारी अभियान चलाया।

छापेमारी के पीछे कुछ राज छिपे होने के आसार हैं। पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के रिटायर होने के बाद हुई ईडी की छापेमारी पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। दरअसल पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के पास औद्योगिक विकास आयुक्त के पद का प्रभार भी था। सोलर फर्म के प्रोजेक्ट के एवज में 400 करोड़ का कमीशन मांगे जाने का मामला उन्ही के कार्यकाल के दौरान आया था। सीएम की सख्ती के बाद तत्काल न सिर्फ एफआईआर दर्ज हुई बल्कि जैन की गिरफ्तारी भी हुई।

इसी बीच तत्कालीन इन्वेस्ट यूपी के सीईओ अभिषेक प्रकाश के करीबी जैन को पुलिस की लापरवाही से कोर्ट से जमानत मिल गयी। लेकिन दूसरे केस के कारण रिहाई न हो सकी। इसके पीछे पूर्व मुख्य सचिव के विरोधी खेमे का हाथ बताया जा रहा है। तभी अप्रैल के अंत में ईडी ने दलाल निकान्त जैन के खिलाफ पीएमएलए ऐक्ट के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट यानि ईसीआईआर दर्ज की।

अभिषेक प्रकाश को आर्थिक कुनबे की जांच पर ईडी चुप

लेकिन निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश के आर्थिक कुनबे की जांच पर ईडी के अफसर चुप्पी साधे रहे। सीएम योगी के करीब बैठे एक रिटायर आईएएस से भी अभिषेक प्रकाश के करीबी रिश्ते हैं। नतीजतन अभिषेक प्रकाश के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां भी जांच से कतरा रही हैं। लेकिन जैसे पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की यूपी की नौकरशाही के मुखिया पद से विदाई हुई।

ED Raid

झट ईडी सक्रिय हुई और लखनऊ से नोएडा तक ताबड़तोड़ छापेमारी हफ्ते भर के भीतर कर दी गयी। लेकिन ईडी ने अभी तक जैन के मददगार आईएएस अफसरों पर शिकंजा नहीं कसा है। जबकि उसके घर पर कई दिग्गज अफसरों के वाहन लगातार देखे जा रहे थे। माना जा रहा है कई बड़े अफसरों की काली कमाई खपाने से लेकर कमीशनखोरी का तंत्र जैन से जुड़ा है।

नौकरशाही से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव के रिटायरमेंट के बाद ही ईडी का ऐक्टिव होना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या कोई ताकत ईडी को पिछले तीन माह से केस दर्ज होने के बाद छापे मारने से रोक रही थी। फिलहाल अभिषेक प्रकाश पर ईडी मेहरबान है।

लखनऊ से मेरठ तक निकांत के ठिकानों पर छापेमारी

ईडी ने अरबों की घूसखोरी के मामले में गुरुवार को निकांत जैन व उसके करीबियों के ठिकानों पर लखनऊ में पांच स्थानों पर छापे मारे। कई दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। गोमतीनगर में आवास-कार्यालय के अलावा कंपनी एसएसजे के पूर्व कर्मचारी के ठिकाने पर भी छानबीन हुई। निकांत के चाचा के मेरठ आवास पर भी अफसर पहुंचे। लखनऊ के निरालानगर के होटल पर भी छापे मारे। इस होटल के निर्माण में अफसरों का काला धन लगे होने की चर्चा है। लखनऊ, मेरठ और नोएडा तक छापे मारे गए हैं।

 

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