UPPSC के पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव समेत 5 पर FIR दर्ज, अखिलेश यादव की शिकायत पर हुई कार्रवाई
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव और उनके कुछ साथियों के खिलाफ मैनपुरी के घिरोर थाने में एक गंभीर मामला दर्ज किया गया है। उन पर ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में रुकावट डालने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है।
प्रधान ने दर्ज कराई शिकायत
यह एफआईआर कोसमा मुसलमन ग्राम पंचायत के प्रधान अखिलेश यादव की शिकायत पर दर्ज की गई है। प्रधान अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि अनिल यादव, अरमान, आमिर, सद्दाम और अतुल कुमार ने मिलकर ग्राम पंचायत द्वारा नाले (खारजा) को खोलने के काम में रुकावट डाली। उन्होंने डिग्री कॉलेज के काम को भी बंद करने की कोशिश की। आरोपियों ने प्रधान को जान से मारने की धमकी दी और मौके पर बुलाकर हमला करने की कोशिश की।
विवाद की जड़: चारागाह और नाले का मसला
इस पूरे विवाद की जड़ ग्राम पंचायत क्षेत्र में चल रहे विकास कार्य हैं। प्रधान का कहना है कि एक महाविद्यालय संचालित है, जिसके पास से निकलने वाले खारजा (नाला) से सैकड़ों बीघा जमीन के चारागाह का पानी बाहर निकलता है। अनिल यादव और उनके साथियों ने इस नाले पर सीसी डालवा दी थी, जिससे पानी की निकासी रुक गई थी।
पानी रुकने से किसानों की फसलों को खराब होने का खतरा था। प्रधान ने किसानों के हित में जब इस नाले को खोलने का काम शुरू किया, तो अनिल यादव ने अपने साथियों के साथ इसका विरोध किया और उन्हें धमकियां दीं। स्थानीय लोगों में भी इस विवाद को लेकर आक्रोश है और वे चारागाह पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया
मैनपुरी में यह मामला हाई-प्रोफाइल बन चुका है। पुलिस ने प्रधान की शिकायत पर FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक राहुल मिठास ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा है कि जल्द ही जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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