उन्नाव रेप केस में नया मोड़, महिला एक्टिविस्ट बरखा त्रेहन ने पीड़िता के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
Sandesh Wahak Digital Desk: उन्नाव रेप मामले की पीड़िता एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गई है, लेकिन इस बार वह शिकायतकर्ता नहीं बल्कि आरोपी के तौर पर निशाने पर है। दिल्ली की जानी-मानी सोशल एक्टिविस्ट बरखा त्रेहन ने दिल्ली के हरि नगर पुलिस स्टेशन पहुंचकर पीड़िता के खिलाफ शिकायत दी है। बरखा का आरोप है कि पीड़िता ने सार्वजनिक मंच से उनके खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और हिंसक बयानबाजी की है।
क्या है पूरा विवाद
एक्टिविस्ट बरखा त्रेहन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस मामले की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, बरखा का दावा है कि पीड़िता ने खुलेआम कहा कि बरखा जैसी महिलाओं का बलात्कार होना चाहिए। बरखा ने अपनी शिकायत में कहा कि पीड़िता दूसरों को उनके (बरखा) साथ गलत काम करने के लिए उकसा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो महिला खुद को रेप पीड़िता बताकर न्याय मांग रही है, वह किसी दूसरी महिला के लिए ऐसी घिनौनी बात कैसे कह सकती है?
#WATCH | Delhi | On her complaint against Unnao rape victim, Activist Barkha Trehan says, "How can the victim, claiming to be a rape victim and demanding justice, allege that I instigated the rape incident? Where are my rights? I tagged NCW this morning. but nobody responded to… pic.twitter.com/EUw3vHHVns
— ANI (@ANI) January 2, 2026
रेप का दर्द सहा होता तो ऐसा न कहती
मीडिया से बात करते हुए बरखा त्रेहन काफी भावुक और आक्रामक नजर आईं। उन्होंने कहा, अगर उसने वाकई रेप का दर्द सहा होता, तो वह दुनिया की किसी भी दूसरी महिला के लिए ऐसा नहीं सोचती। उसका यह बयान ही साबित करता है कि पूरा केस फर्जी है। बरखा ने यह भी बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वहां से कोई जवाब न मिलने पर उन्हें मजबूरन पुलिस स्टेशन जाना पड़ा।
I have filed a police complaint against Unnao rape case victim for her public statement made specifically against me, Barkha Trehan.
She said that “women like me deserve to be raped” openly instigated others to rape me.
As a woman, I will not stay silent.
The law is equal 4 all pic.twitter.com/I3BNIGlsNH— Barkha Trehan 🇮🇳 / बरखा त्रेहन (@barkhatrehan16) January 2, 2026
कुलदीप सेंगर की बेल का समर्थन
इस पूरे विवाद की जड़ बरखा त्रेहन का वह बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का पक्ष लिया था। बरखा ने कहा था कि सेंगर पहले ही 8 साल जेल में काट चुके हैं और अब उन्हें बिना किसी राजनीति के बेल (जमानत) मिलनी चाहिए। इसी बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई थी।
बरखा का दावा है कि जब उन्होंने पुलिस से पीड़िता से मिलने की अनुमति मांगी, तो पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मना कर दिया। पुलिस का कहना था कि वह (पीड़िता) उन पर हमला कर सकती है। फिलहाल, हरि नगर पुलिस ने शिकायत ले ली है और मामले की जांच की जा रही है।

