आयुर्वेद ने मेरी जिंदगी बदल दी, एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने खोला फिटनेस का राज

Sandesh Wahak Digital Desk: अपनी शानदार एक्टिंग के साथ-साथ अपनी बेदाग ख़ूबसूरती और ज़बरदस्त फिटनेस के लिए मशहूर एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अपनी ऊर्जावान जीवनशैली का राज खोल दिया है। तमन्ना का कहना है कि उनकी फिटनेस का मूल कारण आयुर्वेद की प्राचीन पद्धति को अपनाना है।

आयुष मंत्रालय ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर तमन्ना का एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने ऑयल पुलिंग (Oil Pulling) और आयुर्वेद द्वारा लाए गए सकारात्मक बदलावों पर खुलकर बात की है।

आयुर्वेद जीवन का जरूरी हिस्सा

वीडियो में तमन्ना भाटिया कहती हैं, आयुर्वेद पिछले एक साल से मेरी ज़िंदगी का ज़रूरी हिस्सा रहा है। मैंने आयुर्वेद का सहारा लेकर अपनी डाइट और जीवनशैली में बदलाव किया, और इन बदलावों ने मेरी ज़िंदगी को पूरी तरह बदल दिया।

उन्होंने आज की पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा, मुझे लगता है कि हम लोग प्राचीन पद्धति को हल्के में लेते हैं, लेकिन इस सोच को बदलने की ज़रूरत है, ख़ासकर आज की पीढ़ी के लिए। मुझे नहीं लगता कि किसी भी पीढ़ी को उतनी आयुर्वेद की ज़रूरत महसूस हुई है, जितनी हमारी पीढ़ी को हो रही है क्योंकि हमारी जीवनशैली अब ‘टॉक्सिक’ हो गई है।

Tamannaah Bhatia

ऑयल पुलिंग और धीरे चबाने का महत्व

तमन्ना ने बताया कि बीते साल उन्होंने ऑयल पुलिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल किया। साथ ही, उन्होंने कोविड के समय यह भी सीखा कि खाने को धीरे-धीरे कैसे चबाते हैं। यह मुँह की बदबू और संक्रमण से बचने का एक प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय है। इसमें नारियल, जैतून या बादाम के तेल को 3-5 मिनट तक मुँह में रखकर घुमाया जाता है। यह प्रक्रिया दाँतों और जीभ को साफ़ करने के बाद की जाती है, जिससे दाँतों में बची गंदगी बाहर निकल जाती है।

आयुर्वेद के अनुसार, खाने के एक कौर को लगभग 15 से 20 बार चबाना चाहिए। जितना अच्छे से खाना चबाया जाता है, पाचन उतना ही बेहतर होता है। तमन्ना का यह संदेश एक बार फिर दिखाता है कि आधुनिक जीवनशैली में भी स्वस्थ रहने के लिए हमारी प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति कितनी कारगर है।

Also Read: Varanasi News: स्व. हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ‘हरीश जी’ की स्मृति में वार्षिक विशेष क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर का हुआ शुभारंभ

Get real time updates directly on you device, subscribe now.