परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अडानी की एंट्री, अदाणी एटॉमिक एनर्जी नाम की नई कंपनी बनाई

Sandesh Wahak Digital Desk: देश की सबसे बड़ी प्राइवेट बिजली उत्पादक कंपनी, अडानी पावर लिमिटेड ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में औपचारिक रूप से प्रवेश कर लिया है। कंपनी ने गुरुवार को जानकारी दी कि उसने अदाणी एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड (AAEL) नाम से अपनी एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Subsidiary) का गठन किया है।

अडानी पावर की इस नई यूनिट को परमाणु ऊर्जा के उत्पादन, पारेषण (Transmission) और वितरण (Distribution) के उद्देश्य से बनाया गया है। इस कंपनी का गठन 11 फरवरी, 2026 को किया गया और उसी दिन इसे रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से सर्टिफिकेट भी मिल गया। इसकी शुरुआत 5 लाख रुपये की शुरुआती अधिकृत पूंजी के साथ की गई है, जिसे 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 50,000 शेयरों में बांटा गया है। इसमें अडानी पावर की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

अडानी पावर का यह फैसला भारत सरकार द्वारा हाल ही में पारित किए गए शांति (SHANTI – Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India) बिल के ठीक दो महीने बाद आया है। इस बिल के जरिए भारत ने उस परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के दरवाजे निजी कंपनियों के लिए खोल दिए हैं, जिस पर अब तक केवल सरकार का एकाधिकार था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अडानी पावर का लक्ष्य आने वाले समय में 30 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने का है। कंपनी अपनी थर्मल पावर (कोयले से चलने वाली बिजली) क्षमता को धीरे-धीरे न्यूक्लियर पावर से बदलने की योजना पर काम कर रही है।

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