दो मासूमों की बुखार से मौत के बाद प्रशासन अलर्ट, कुशीनगर DM ने किया प्रभावित गांव का दौरा

पडरौना (कुशीनगर)। नेबुआ नौरंगिया विकास खंड क्षेत्र के ग्राम सभा पिपरा खुर्द के टोला गुलहरिया में बुखार से पीड़ित  दो मासूम बच्चों की मौत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) महेंद्र सिंह तंवर, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) विंदिता श्रीवास्तव और मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) चंद्रप्रकाश ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और हालात का जायजा लिया।

एम्स में हुई एक बच्चे की मौत

जिला प्रशासन ने मृतकों के संबंध में जानकारी दी। गुलहरिया टोला निवासी राजकुमार के 7 वर्षीय पुत्र सागर को बीते गुरुवार को बुखार आया था। कई अस्पतालों से रेफर होने के बाद उसे एम्स भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। वहीं, रामानंद के 3 वर्षीय पुत्र अंश की भी रामकोला सीएचसी, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से रेफर किए जाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। अंश का 9 वर्षीय बड़ा भाई आर्यन भी अभी बुखार से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा है।

लेप्टोस्पायरोसिस की आशंका और डीएम की अपील

सीएमओ ने बताया कि मृत बच्चों में से एक बच्ची खुशी के रक्त परीक्षण में लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी की पुष्टि हुई है। यह एक ज़ूनोटिक (जानवरों से इंसानों में फैलने वाला) बैक्टीरियल संक्रमण है, जो संक्रमित जानवरों (मुख्यतः चूहे) के मूत्र से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने से फैलता है।

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि यह बीमारी छूत की नहीं है। उन्होंने मवेशियों को आवासीय परिसर से दूर रखने, नियमित साफ-सफाई बनाए रखने और बुखार होने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने की अपील की।

जिला प्रशासन की निरोधात्मक कार्रवाई

डीएम ने तुरंत सीएमओ और जिला पंचायतराज अधिकारी को विशेष निर्देश जारी किए, जिसके तहत गांव में व्यापक स्तर पर निरोधात्मक और निगरानी कार्य शुरू किए गए हैं।

गुलहरिया समेत प्रभावित गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिसमें 56 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और 14 बच्चों के ब्लड सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजे गए। आशा बहुओं को स्वास्थ्य किट उपलब्ध कराई गई और डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग शुरू की गई।

चाइल्ड स्पेशलिस्ट की देखरेख में 24 घंटे की डॉक्टर ड्यूटी लगाई गई है और एहतियातन एंबुलेंस तैनात की गई है। जनपद के सभी ग्रामों में सफाई, ब्लीचिंग पाउडर और एंटी लार्वा छिड़काव तथा फॉगिंग के निर्देश दिए गए हैं।

संचारी रोग नियंत्रण के तहत दस्तक अभियान में लगी टीमों को पुनः सक्रिय कर दिया गया है। जल निगम ग्रामीण विभाग द्वारा पेयजल की टेस्टिंग की जा रही है और डीएम स्तर पर प्रधानों को जूम के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न देने की भी अपील की है।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

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