कफ सिरप के बाद अब नकली इनहेलर का खतरा, आगरा में पकड़े गए नामी कंपनी के हजारों लेबल
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में नकली सिरप और दवाओं के बाद अब नकली इनहेलर बनाने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। औषधि विभाग मुख्यालय लखनऊ की टीम ने आगरा के हींग की मंडी इलाके में छापेमारी कर नामी दवा कंपनी Cipla के 8,000 प्रिंटेड लेबल बरामद किए हैं। इस बरामदगी से प्रदेश भर में नकली इनहेलर की सप्लाई किए जाने की आशंका गहरा गई है।
छापेमारी और बरामदगी का विवरण
टीम ने हींग की मंडी निवासी जुबैर खान को पकड़ा है, जिसके घर से ये लेबल बरामद हुए। सिप्ला कंपनी के ‘फोराकोर्ट इनहेलर’ (Foracort Inhaler) के 8,000 प्रिंटेड लेबल बरामद किए गए हैं। संबंधित कंपनी के एक इनहेलर की एमआरपी करीब ₹250 है। इस लिहाज से बरामद लेबल लगभग ₹20 लाख की नकली दवा तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए जाने थे।
फैक्ट्री की तलाश में औषधि विभाग
जांच टीम को जुबैर के घर से पैकिंग या रीफिलिंग का कोई उपकरण नहीं मिला है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि नकली इनहेलर के निर्माण और पैकिंग का काम किसी अन्य गुप्त स्थान पर ‘फैक्ट्री’ के रूप में संचालित हो रहा है। विभाग अब उस मुख्य केंद्र की तलाश कर रहा है जहाँ कच्चा माल और मशीनरी होने की संभावना है।
आगरा: नकली दवाओं का पुराना गढ़
आगरा में नकली दवाओं का कारोबार पहले भी कई बार पकड़ा जा चुका है, जो इस नेटवर्क की जड़ों की गहराई दर्शाता है:
जुलाई 2023: दयालबाग के एक कॉलेज परिसर में ₹5 करोड़ की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई।
अक्टूबर 2024: सिकंदरा में ₹8 करोड़ की नकली दवाएं और ₹4 करोड़ की मशीनरी जब्त की गई।
अगस्त 2025: चेन्नई और पुडुचेरी से जुड़े ₹200 करोड़ के अवैध दवा कारोबार का खुलासा हुआ, जिसमें आगरा के गोदामों से ₹60 करोड़ की दवाएं सील हुईं।
गंभीर स्वास्थ्य जोखिम
नकली इनहेलर दमा (Asthma) और सांस के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। औषधि विभाग ने प्रदेश भर के दवा विक्रेताओं को सतर्क रहने और संदिग्ध स्टॉक की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
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