हेमा मालिनी से आश्वासन मिलने के बाद बांके बिहारी कॉरिडोर पर महिलाओं ने रोका विरोध

Sandesh Wahak Digital Desk: मथुरा-वृंदावन के श्रद्धालुओं और मंदिर सेवायतों के लिए बीते तीन हफ्तों से चिंता का विषय बने बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट और मंदिर ट्रस्ट गठन के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन को फिलहाल विराम मिल गया है। यह फैसला तब लिया गया, जब बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने स्वयं विरोध कर रही महिलाओं से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी भावनाएं और मांगें मुख्यमंत्री तक अवश्य पहुंचाई जाएंगी।

महिलाओं ने रखा अपना पक्ष

सेवायत गोस्वामी समाज की महिलाएं वृंदावन स्थित हेमा मालिनी के आवास पर पहुंचीं और अपनी व्यथा रखी। उन्होंने बताया कि यदि उन्हें मौजूदा स्थान से हटाया गया तो ठाकुरजी की सेवा-पूजा में बाधा आएगी और इससे मंदिर की पारंपरिक व्यवस्था व सैकड़ों साल पुरानी संस्कृति पर भी असर पड़ेगा। महिलाओं का मानना है कि मौजूदा गलियों और कुंजों की आत्मा इस सेवा-परंपरा में ही बसती है।

ज्ञापन सौंपकर रखी भावनाएं

महिलाओं ने हेमा मालिनी को ज्ञापन सौंपकर आग्रह किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी भावनाएं सहानुभूति के साथ साझा की जाएं। उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री स्वयं संवेदनशील हैं और कोई संतुलित समाधान जरूर निकालेंगे। मीडिया से बात करते हुए हेमा मालिनी ने माना कि संवाद में कहीं न कहीं कमी रह गई होगी। उन्होंने कहा, सरकार भी तो श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए काम कर रही है। मैं पूरी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाऊंगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए किसी न किसी स्तर पर व्यवस्था तो करनी ही होगी, लेकिन इसमें स्थानीय परंपराओं और भावनाओं का पूरा सम्मान होना चाहिए। महिलाओं की एक और प्रमुख मांग थी कि मंदिर ट्रस्ट के गठन से जुड़ा जो अध्यादेश जारी किया गया है, उसे पूरी तरह रद्द किया जाए। उनके अनुसार, इससे मंदिर की परंपरागत व्यवस्था में अनावश्यक हस्तक्षेप हो सकता है।

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