हिडमा के बाद 1 करोड़ का इनामी गणेश उइके ढेर, अमित शाह बोले- मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त होगा भारत
Sandesh Wahak Digital Desk: देश से नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षा बलों ने एक और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। टॉप नक्सली हिडमा के खात्मे के कुछ ही समय बाद, सुरक्षा बलों ने ओडिशा के कंधमाल जिले में एक भीषण मुठभेड़ में माओवादी सेंट्रल कमेटी के सदस्य गणेश उइके समेत 6 नक्सलियों को मार गिराया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने दी जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए इसे “नक्सल मुक्त भारत की दिशा में मील का पत्थर” करार दिया। उन्होंने दोहराया कि सरकार 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह जड़ से मिटाने के लिए संकल्पित है।
कौन था गणेश उइके?
69 वर्षीय गणेश उइके पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वह सीपीआई (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और ओडिशा में प्रतिबंधित संगठन के प्रमुख के रूप में काम कर रहा था। उसे पक्का हनुमंतु, राजेश तिवारी, चमरू और रूपा जैसे कई उपनामों से जाना जाता था। मूल रूप से वह तेलंगाना के नलगोंडा जिले का निवासी था।
मुठभेड़ का विवरण
ओडिशा पुलिस और सुरक्षा बलों का यह संयुक्त ऑपरेशन कंधमाल जिले के चाकपाड़ थाना क्षेत्र के जंगलों में चलाया गया। ओडिशा के डीजीपी योगेश बहादुर खुराना ने बताया कि मुठभेड़ गुरुवार सुबह हुई, जिसमें उइके के साथ दो महिला नक्सली भी मारी गई हैं। डीजीपी के अनुसार, इस कार्रवाई से ओडिशा में नक्सलवाद की कमर टूट गई है।
नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ते कदम
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हिडमा और अब गणेश उइके जैसे शीर्ष कमांडरों के मारे जाने से नक्सलियों का नेतृत्व पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। यह ऑपरेशन न केवल ओडिशा बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी सक्रिय नक्सली गतिविधियों पर व्यापक असर डालेगा।
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