इस्तीफे के बाद अब संत बनेंगे Alankar Agnihotri, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दिया ऑफर!
Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने इस्तीफा देने के बाद देर रात अपना सरकारी आवास भी खाली कर दिया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने बरेली जिला प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। वहीं इस पूरे मामले में अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की इंट्री भी हो गई है। इस दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) को धर्म क्षेत्र में बड़ा पद दिए जाने के ऑफर की बात भी सामने आई है। जिसके बाद अब इस मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है।
बंधक बनाने का दावा आरोप
अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने पत्रकारों से बातचगीत में बताया है कि इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद उन्हें डीएम बरेली अविनाश सिंह ने बातचीत के लिए अपने आवास पर अकेले बुलाया था। वहां डीएम के साथ कुछ अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान उन्हें लगातार प्रलोभन दिए जाते रहे। इसी दौरान लखनऊ से डीएम को एक फोन आया, जिस पर डीएम उठकर बाथरूम में चले गए और फोन स्पीकर पर था। उस कॉल के दौरान दूसरी तरफ से यह कहा गया कि पंडित पागल हो गया है और इसे रातभर अपने आवास में बंधक बनाकर रखा जाए।
अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) का आरोप है कि डीएम आवास पर उन्हें करीब 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने दावा किया कि मामला मीडिया तक पहुंच जाने के कारण आनन फानन में उन्हें छोड़ा गया। उन्होंने कहा कि बड़ी मुश्किल से वह वहां से अपनी जान बचाकर निकल पाए।
दरअसल अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने 26 जनवरी सोमवार को बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद अब उन्होंने खुलकर जिला प्रशासन पर आरोप लगाए हैं, जिसने पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
डीएम बरेली ने आरोपों को किया खारिज
वहीं दूसरी ओर बरेली के डीएम अविनाश सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया है। डीएम का कहना है कि बातचीत पूरी तरह सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई थी। इस्तीफे की वजह जानने के उद्देश्य से ही बातचीत की गई थी और किसी भी तरह के दबाव या प्रताड़ना का आरोप निराधार है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की एंट्री
वहीं इस पूरे विवाद में अब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) का खुलकर समर्थन किया है। शंकराचार्य ने फोन पर उनसे बातचीत की और कहा कि उनके साथ जो हुआ वह गलत है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने कितनी लगन से पढ़ाई लिखाई कर यह पद हासिल किया होगा और आज एक झटके में वह पद चला गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म और उसके प्रतीकों के प्रति जिस तरह से अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी निष्ठा दिखाई है, उससे पूरा सनातनी समाज प्रसन्न है और उनका अभिनंदन करता है। शंकराचार्य ने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार ने उन्हें जो पद दिया था, उससे बड़ा पद उन्हें धर्म क्षेत्र में देने का प्रस्ताव किया जा रहा है।
प्रशासनिक विवाद से आगे बढ़ता मामला
वहीं बरेली सिटी मजिस्ट्रेट Alankar Agnihotri के इस्तीफे और लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला अब केवल प्रशासनिक दायरे तक सीमित नहीं रह गया है। शंकराचार्य के समर्थन के बाद इस विवाद ने सामाजिक और धार्मिक रंग भी ले लिया है, जिससे आने वाले समय में इस पर राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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